नई दिल्ली: प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने शुक्रवार को अपने दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि सरकार का काम फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर सीधे जनता के जीवन में दिखना चाहिए।
शिकायत निवारण व्यवस्था को बनाने पर जोर
बैठक में मंत्री ने कहा कि किसानों, गरीबों और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ पाने या शिकायतों के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़े, इसके लिए समयबद्ध और परिणाममुखी तंत्र विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कृषि, ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन और आईसीएआर से जुड़े विभागों में शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अभी अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग पोर्टल और तंत्र हैं, लेकिन अब इन्हें अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसके लिए दोनों मंत्रालयों में 10-10 अधिकारियों की टीम बनाने को कहा गया, जो रोजाना शिकायतों और जनसमस्याओं की समीक्षा करेगी।
“डिस्पोजल” नहीं, वास्तविक समाधान जरूरी
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि केवल कागजों में शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं है। यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थी को वास्तविक लाभ मिला या नहीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई मामलों में रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में अंतर सामने आया है।
प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर जोर
बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि अनावश्यक नियमों और जटिल प्रक्रियाओं को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि हर काम के लिए लाइसेंस की आवश्यकता क्यों हो और जहां संभव हो, वहां सरल पंजीकरण प्रणाली लागू की जाए। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर बाधाओं और सुधार योग्य बिंदुओं की पहचान करने को कहा गया।
एआई और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय, मॉनिटरिंग और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाए। साथ ही शिकायत डेटाबेस को जोड़कर एकीकृत प्रणाली बनाने की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में बदलाव की जरूरत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फाइलों की गुणवत्ता सुधारना बेहद जरूरी है। उन्होंने ड्राफ्टिंग और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर दिया।
कोर्ट केस और राज्यों से समन्वय पर निर्देश
मंत्री ने लंबित कोर्ट मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी पक्ष को मजबूत तरीके से अदालत में रखा जाए। इसके लिए नोडल अधिकारी तय करने और बेहतर कानूनी तैयारी के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने राज्यों के साथ समन्वय को कृषि और ग्रामीण विकास की सफलता की कुंजी बताते हुए ज़ोनल बैठकों और संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।
2047 विजन और जनसंवाद पर फोकस
बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत हर विभाग को दीर्घकालिक और अल्पकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, वीडियो और जनसंवाद का अधिक उपयोग किया जाए। अंत में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही और सक्रियता बढ़ानी होगी, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
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