खेती-किसानी

लोबिया की खेती करने वाले किसानों के लिए ये किस्म है बेहतरीन

This variety is best for farmers cultivating cowpea

नई दिल्ली: भारत के खेतों में अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर भी किसानों का झुकाव तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर लोबिया जैसी बहुउपयोगी फसलों की खेती अब बड़े पैमाने पर की जा रही है। गर्मी से लेकर बरसात तक उपज देने वाली यह फसल न केवल हरी सब्जी और दाल के रूप में, बल्कि हरी खाद और चारे के लिए भी किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। लोबिया एक फलीदार पौधा है, जिसकी लंबी और पतली फलियों का उपयोग कच्चे रूप में सब्जी और सूखने पर दाल बनाने में किया जाता है। देश के कई हिस्सों में इसे हरी खाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है, जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही, पशुपालन के लिए चारे के रूप में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि किसान अब वाणिज्यिक स्तर पर लोबिया की खेती करने लगे हैं और इससे अच्छी-खासी आर्थिक आमदनी भी कर रहे हैं।

बरसात के मौसम में होती है खेती ज्यादा लाभदायक

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लोबिया की खेती फरवरी से अक्टूबर तक की जा सकती है, लेकिन बरसात का मौसम इसकी बुवाई के लिए सबसे अनुकूल होता है। अच्छी नमी, नियंत्रित तापमान और उपयुक्त सिंचाई की उपलब्धता के कारण इस मौसम में लोबिया की उपज बेहतर होती है।

DC-15: लोबिया की उन्नत किस्म

अगर किसान लोबिया की खेती से उच्च उत्पादन और कम नुकसान चाहते हैं, तो DC-15 वैरायटी उनके लिए आदर्श विकल्प है। यह किस्म बैक्टीरियल ब्लाइट के प्रति प्रतिरोधी और एफिड्स के प्रति सहनशील है, जिससे फसल पर रोगों का कम असर होता है और किसानों को अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है। DC-15 किस्म की फलियां हल्के हरे रंग की, मोटी और गूदेदार होती हैं, जिनकी लंबाई लगभग 20 से 22 सेंटीमीटर होती है। यह किस्म 75 से 80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 10-13 क्विंटल तक की पैदावार देती है, जो कि बाजार के हिसाब से बेहद लाभकारी साबित होती है।

कहां और कितने में मिलेगा बीज?

राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) किसानों के लिए DC-15 किस्म का बीज ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है। 5 किलो बीज का पैकेट इस समय 812 रुपये में मिल रहा है, जिसमें 16% की छूट दी जा रही है। इसके साथ ही एक मुफ्त टी-शर्ट का ऑफर भी दिया जा रहा है, जो 3 जुलाई तक के लिए वैध है। किसान इसे एनएससी की वेबसाइट से ऑनलाइन ऑर्डर कर घर मंगवा सकते हैं और समय पर खेती शुरू कर सकते हैं।

लोबिया की खेती कैसे करें?

लोबिया की सफल खेती के लिए दोमट मिट्टी को सबसे उपयुक्त माना जाता है। खेत को समतल और जल निकासी की उचित व्यवस्था वाला होना चाहिए। खेत की तैयारी में एक बार मिट्टी पलटने वाले हल और फिर दो बार देसी हल या कल्टीवेटर से जुताई करना जरूरी है। इसके बाद खेत को अच्छी तरह समतल कर बुवाई शुरू करें। बुवाई में देरी करने से पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि इससे फूल आने की अवधि कम हो जाती है। इसके अलावा फसल की कतारों में 45 से 60 सेंटीमीटर की दूरी रखने से पौधों को पर्याप्त पोषण और स्थान मिलता है, जिससे उपज बेहतर होती है।

बदलते कृषि परिदृश्य में लोबिया जैसी नकदी फसलों की खेती किसानों के लिए एक टिकाऊ और लाभकारी विकल्प बनती जा रही है। खासतौर पर DC-15 जैसी उन्नत किस्मों के जरिए किसान कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं। बरसात का यह मौसम लोबिया की खेती शुरू करने के लिए बिलकुल उपयुक्त है। सही बीज, सही समय और वैज्ञानिक विधियों के उपयोग से किसान इस फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधार सकते हैं।

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