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बिहार में समृद्धि यात्रा से पहले भूमि मामलों पर सख्ती, 15 वरिष्ठ अधिकारी तैनात

Samruddhi Yatra in Bihar

पटना: बिहार में दोबारा एनडीए सरकार बने हुए कुछ महीने बीत चुके हैं। नए वर्ष की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने की शुरुआत कर रहे हैं। इस उद्देश्य से वे बिहार में समृद्धि यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत मुख्यमंत्री तक न पहुंचे, इसे लेकर विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि समृद्धि यात्रा के दौरान आम जनता को भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भूमि मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा जिन जिलों में होगी, वहां भूमि से जुड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और भूमि विवाद के लंबित मामलों का युद्धस्तर पर निष्पादन कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के कार्यों में लापरवाही, टालमटोल या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यात्रा से पहले 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती

समृद्धि यात्रा को लेकर विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत यात्रा वाले जिलों में मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले राजस्व मुख्यालय के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। ये अधिकारी अग्रिम दल के रूप में जिले में पहुंचकर अंचलों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश न रहे।

इन जिलों में हुई प्रतिनियुक्ति

विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, समृद्धि यात्रा के प्रथम चरण में 22 जनवरी को सिवान, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली जिले में विभागीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। दूसरे चरण के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनियुक्त सभी 15 अधिकारियों के अंचलवार आवंटन का आदेश भी शीघ्र जारी किया जाएगा।

प्रतिनियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारियां

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रतिनियुक्त अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले संबंधित जिले में योगदान देंगे और अंचलों में चल रहे कार्यों का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी को एक या दो अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे अंचल अधिकारियों के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों का नियमानुसार और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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