प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों के दिन बहुत जल्द बदलने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने अमरुद को स्थानीय बाजार के अलावा विदेश में निर्यात करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अमरुद के किसानो को विभिन्न गोष्ठियों के आयोजन से भी जागरूक किया जा रहा है। जिससे वे अमरुद के बागानों में बैगिंग को अपनाएँ और बागानों में एक्सपोर्ट क्वालिटी का उत्पादन हो सके। कौशांबी के नोडल वैज्ञानिक डॉ मनीष केशरवानी के मुताबिक स्थानीय अमरुद किसानों की इसी जरुरत को देखते हुए अमरुद की बैगिंग शुरू हुई है। बैगिंग अमरुद के फल को एक खास तरह के बैग से ढँकने की विधि है। अमरुद जब फूल से फल में तब्दील होने लगता है तब उसे एक विशेष आकार के पेपर बैग के अंदर रखकर बाँध दिया जाता है। इस विशेष पैकिंग से अमरुद के फल को पर्याप्त मात्रा में प्रकाश तो मिलता ही है, साथ ही बाहर से होने वाले प्रदूषण तथा कीट व बीमारियों के प्रकोप से फल को बचाया जा सकता है।
previous post
Krishi Pitaara
कृषि पिटारा किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता हुआ एक भरोसेमंद कृषि मीडिया प्लेटफॉर्म है। यह यूट्यूब पर 1 लाख से अधिक सब्सक्राइबर के साथ-साथ जियो टीवी, एयरटेल एक्सट्रीम, न्यूज़ हंट और कई प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। कृषि पिटारा की पहचान विशुद्ध रूप से कृषि आधारित कार्यक्रमों से है, जो विशेषज्ञों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और किसानों के वास्तविक अनुभव व फीडबैक पर आधारित होते हैं।
Related posts
Click to comment
