प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों के दिन बहुत जल्द बदलने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने अमरुद को स्थानीय बाजार के अलावा विदेश में निर्यात करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अमरुद के किसानो को विभिन्न गोष्ठियों के आयोजन से भी जागरूक किया जा रहा है। जिससे वे अमरुद के बागानों में बैगिंग को अपनाएँ और बागानों में एक्सपोर्ट क्वालिटी का उत्पादन हो सके। कौशांबी के नोडल वैज्ञानिक डॉ मनीष केशरवानी के मुताबिक स्थानीय अमरुद किसानों की इसी जरुरत को देखते हुए अमरुद की बैगिंग शुरू हुई है। बैगिंग अमरुद के फल को एक खास तरह के बैग से ढँकने की विधि है। अमरुद जब फूल से फल में तब्दील होने लगता है तब उसे एक विशेष आकार के पेपर बैग के अंदर रखकर बाँध दिया जाता है। इस विशेष पैकिंग से अमरुद के फल को पर्याप्त मात्रा में प्रकाश तो मिलता ही है, साथ ही बाहर से होने वाले प्रदूषण तथा कीट व बीमारियों के प्रकोप से फल को बचाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश: अमरूद की खेती करने वाले इन किसानों को होने वाला है बड़ा फायदा

