लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को विधानसभा में 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट (Uttar Pradesh Budget) प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तिकरण और रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। इस बजट में कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक है।
कृषि योजनाओं पर बड़ा फोकस
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन और 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यूपीएग्रीज परियोजना के तहत एक्वाकल्चर आधारभूत संरचना के लिए विश्वस्तरीय हैचरी और ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना हेतु 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
एग्रीएक्सपोर्ट हब और एफपीओ को समर्थन
यूपीएग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना हेतु 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
डीजल पंप को सोलर पंप में बदलने की योजना
Uttar Pradesh Budget में किसानों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के लिए 298 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो प्रदेश के सभी जनपदों के 94,300 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित है।
निजी नलकूपों को बिजली के लिए 2,400 करोड़
किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए 2,400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये और पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के लिए 715 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
मथुरा में 1 लाख लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट
दुग्ध विकास के अंतर्गत मथुरा में 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना के लिए 23 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण और पुनर्गठन के लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
छुट्टा गोवंश के लिए 2,000 करोड़
प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12.38 लाख गोवंश संरक्षित हैं। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ रुपये और वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
मत्स्य पालन और एक्वा पार्क
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष घटक के लिए 195 करोड़ और महिला घटक के लिए 115 करोड़ रुपये रखे गए हैं। एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए 190 करोड़ रुपये और अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार व मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
खाद्य एवं रसद योजनाओं के लिए 20,124 करोड़
खाद्य एवं रसद योजनाओं के लिए 20,124 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के लिए 1,500 करोड़ और अन्नपूर्णा भवन निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अन्नदाता किसान भारत के विकास की धुरी है। सरकार किसानों को केवल उत्पादक ही नहीं बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह बजट प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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