नई दिल्ली: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि विभाग के फसल प्रभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम दर्ज की गई है। 6 मार्च 2026 तक कुल 31.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 33.38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई दर्ज की गई थी। इस प्रकार कुल बुवाई क्षेत्र में लगभग 1.69 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
धान की बुवाई में सबसे ज्यादा गिरावट
आंकड़ों के अनुसार धान की बुवाई में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई है। इस वर्ष 6 मार्च तक 25.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 26.89 लाख हेक्टेयर था। यानी धान के रकबे में लगभग 1.60 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि सामान्य रूप से ग्रीष्मकालीन धान का क्षेत्र लगभग 31.49 लाख हेक्टेयर माना जाता है। वर्ष 2025 में धान का अंतिम रकबा 33.28 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया था।
दलहनी फसलों में हल्की बढ़ोतरी
दलहन फसलों के क्षेत्र में इस वर्ष मामूली बढ़त देखने को मिली है। इस साल दलहन का कुल रकबा 1.59 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 1.57 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार लगभग 0.01 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। दलहन की प्रमुख फसलों में मूंग का क्षेत्र 0.95 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष के 0.98 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है। उड़द की बुवाई 0.45 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल 0.46 लाख हेक्टेयर थी। वहीं अन्य दलहन फसलों का क्षेत्र बढ़कर 0.18 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 0.13 लाख हेक्टेयर था।
श्री अन्न और मोटे अनाज के क्षेत्र में कमी
मोटे अनाज और श्री अन्न की कुल बुवाई इस वर्ष 2.51 लाख हेक्टेयर में दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2.73 लाख हेक्टेयर थी। इस प्रकार लगभग 0.22 लाख हेक्टेयर की गिरावट देखी गई है। फसलवार आंकड़ों के अनुसार ज्वार का क्षेत्र 0.15 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष 0.24 लाख हेक्टेयर था। बाजरा की बुवाई 0.46 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 0.53 लाख हेक्टेयर थी। रागी का क्षेत्र बढ़कर 0.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 0.07 लाख हेक्टेयर था। मक्का की बुवाई 1.72 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले वर्ष यह 1.88 लाख हेक्टेयर थी। छोटे मिलेट्स का क्षेत्र लगभग 0.02 लाख हेक्टेयर पर स्थिर बना हुआ है।
तिलहनी फसलों के क्षेत्र में बढ़ोतरी
तिलहनी फसलों के क्षेत्र में इस वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है। 6 मार्च 2026 तक 2.29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 2.18 लाख हेक्टेयर थी। इस प्रकार लगभग 0.12 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तिलहन फसलों में मूंगफली की बुवाई 1.58 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष 1.50 लाख हेक्टेयर थी। सूरजमुखी का क्षेत्र 0.19 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 0.15 लाख हेक्टेयर था। तिल का क्षेत्र लगभग स्थिर रहा और 0.49 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष यह 0.50 लाख हेक्टेयर था। अन्य तिलहनी फसलों का क्षेत्र 0.03 लाख हेक्टेयर रहा।
सामान्य क्षेत्र के मुकाबले अभी भी कम
कृषि मंत्रालय के अनुसार ग्रीष्मकालीन फसलों का सामान्य क्षेत्र लगभग 75.37 लाख हेक्टेयर माना जाता है, जो वर्ष 2022-23 से 2024-25 के औसत पर आधारित है। वर्ष 2025 में अंतिम बुवाई क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था। फिलहाल बुवाई का मौसम जारी है और आने वाले सप्ताहों में कुल क्षेत्र में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम की स्थिति, सिंचाई की उपलब्धता और किसानों की फसल पसंद के आधार पर आगामी दिनों में बुवाई के आंकड़ों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
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