कृषि समाचार

पंजाब में 17 अप्रैल को रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद पर विवाद

rail roko movement

चंडीगढ़: पंजाब में गेहूं खरीद प्रक्रिया में देरी को लेकर किसान संगठनों ने बड़ा कदम उठाते हुए 17 अप्रैल को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद एजेंसियां मंडियों से फसल उठाने में टालमटोल कर रही हैं, जिससे उनकी उपज बिक नहीं पा रही है और नुकसान बढ़ता जा रहा है।

कई किसान संगठनों का संयुक्त विरोध

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के साथ कई संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। किसान नेताओं के अनुसार यदि खरीद प्रक्रिया में तुरंत सुधार नहीं किया गया तो दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे राज्य में रेल यातायात बाधित किया जाएगा।

खराब मौसम से बिगड़ी स्थिति

हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। अनाज में नमी, सिकुड़न और रंग बदलने जैसी समस्याओं के चलते वह निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। इसी कारण खरीद एजेंसियां फसल लेने से इनकार कर रही हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है।

मंडियों में फसल पड़ी, किसानों पर दबाव

किसानों का कहना है कि मंडियों में उनकी फसल बिना बिके पड़ी हुई है और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर बेचने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस स्थिति का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

मुआवजा और नियमों में ढील की मांग

किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि खराब मौसम से प्रभावित फसल के लिए मुआवजा दिया जाए और खरीद के नियमों में ढील दी जाए। साथ ही मंडियों में जूट के बोरे, शौचालय और छाया जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील

किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से जल्द से जल्द न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसानों की मजबूरी है, क्योंकि वे अपनी मेहनत से उगाई गई फसल को बर्बाद होते नहीं देख सकते। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो किसान संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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