मंडी भाव

मंडी भाव 9 जुलाई 2025: यूपी और एमपी की मंडियों में गेहूं के भाव में बड़ा अंतर, कहीं MSP से ऊपर तो कहीं नीचे

नई दिल्ली: देश की दो प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मंडियों में बुधवार को गेहूं के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिला। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जहां 2425 रुपए प्रति क्विंटल है, वहीं कई मंडियों में इसके ऊपर और नीचे दोनों तरह के भाव दर्ज किए गए। खास बात यह रही कि मध्य प्रदेश की कुछ मंडियों में शरबती गेहूं के दाम 3000 रुपए से भी ऊपर पहुंच गए, जबकि उत्तर प्रदेश में कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी रहीं। उत्तर प्रदेश की मंडियों में बुधवार को गेहूं की औसत मॉडल कीमतें 2450 रुपए से 2550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रही। हालांकि कुछ स्थानों पर न्यूनतम भाव एमएसपी से नीचे भी रहे, लेकिन ज्यादातर जगहों पर भाव संतोषजनक नजर आए। बलिया की विल्थारारोड मंडी में गेहूं की अधिकतम कीमत 2700 रुपए रही, जो राज्य में सबसे अधिक रही। वहीं, अयोध्या के फैजाबाद मंडी में न्यूनतम भाव 2300 रुपए दर्ज किया गया, जो MSP से नीचे था। राज्य की प्रमुख मंडियों जैसे बंथरा (लखनऊ), मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद), अलीगढ़ और बरौत (बागपत) में मॉडल कीमतें 2485 रुपए से 2574 रुपए के बीच रहीं, जिससे किसान थोड़े संतुष्ट नजर आए। हालांकि, मोहम्मदी (खीरी) मंडी में न्यूनतम कीमत मात्र 2160 रुपए रही, जो चिंता का विषय है।

मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां शरबती गेहूं की कीमतों में ज़बरदस्त तेजी देखी गई। खासकर विदिशा मंडी में शरबती गेहूं के दाम 3175 रुपए से 3290 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए, जो MSP से करीब 865 रुपये अधिक है। गंजबासौदा और इंदौर जैसी मंडियों में भी शरबती गेहूं की कीमतें 3000 रुपए के पार रहीं। इंदौर मंडी में अधिकतम भाव 3016 रुपए दर्ज हुआ, जबकि गंजबासौदा में 2826 रुपए तक का भाव देखा गया। हालांकि, एमपी की कुछ मंडियों में मिल क्वालिटी गेहूं के भाव अपेक्षाकृत कम रहे। अलीराजपुर, धार और खतेगांव जैसी जगहों पर गेहूं की न्यूनतम कीमतें 2000 रुपए से 2200 रुपए के बीच दर्ज की गईं, जो MSP से काफी नीचे हैं। बावजूद इसके, शरबती गेहूं की ऊंची कीमतों ने कुल मिलाकर राज्य की औसत स्थिति को मजबूत बनाए रखा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शरबती गेहूं की प्रीमियम गुणवत्ता के कारण बाजार में इसकी मांग बनी रहती है, जिससे कीमतें भी अधिक रहती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की मंडियों में मिल क्वालिटी गेहूं की अधिकता और स्थानीय डिमांड-सप्लाई के कारण भाव अपेक्षाकृत स्थिर हैं। कुल मिलाकर 9 जुलाई को यूपी और एमपी की मंडियों में गेहूं के बाजार में असंतुलन साफ दिखाई दिया। जहां एक ओर एमपी के किसानों को शरबती गेहूं के बेहतर दाम मिले, वहीं यूपी में अधिकांश किसान MSP के आसपास या थोड़े ऊपर भाव पाकर संतोष कर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ मंडियों में एमएसपी से कम भाव भी चिंता का कारण बने हुए हैं, जिस पर स्थानीय प्रशासन और खरीद एजेंसियों को ध्यान देने की आवश्यकता है।

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