मंडी भाव

प्याज की कीमतों में भारी अंतर: मध्यप्रदेश में सस्ते, महाराष्ट्र में उतार-चढ़ाव, यूपी में स्थिर भाव

भारत में प्याज की मांग पूरे साल बनी रहती है, लेकिन 31 अगस्त 2025 को एगमार्कनेट पोर्टल के अनुसार देश की प्रमुख मंडियों में इसकी कीमतों में बड़ा फर्क देखा गया। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्याज उत्पादक राज्यों में कहीं भाव बहुत कम रहे तो कहीं तेजी से बढ़े हुए नजर आए।

मध्यप्रदेश की मंडियों में प्याज के दाम बेहद कम रहे। यहां कीमतें 200 रुपये से 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गईं। बदनावर (धार) मंडी में न्यूनतम कीमत केवल 200 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि बड़वानी में सभी ग्रेड का प्याज 1300 रुपये प्रति क्विंटल पर बिका। खंडवा और नरसिंहगढ़ की मंडियों में भाव क्रमशः 700 और 550 रुपये रहे। मोडल कीमतें अधिकतर मंडियों में 550 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं। कम दाम मिलने के कारण किसानों में चिंता का माहौल बना रहा।

महाराष्ट्र की मंडियों में स्थिति बिल्कुल अलग रही और यहां कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। प्याज का न्यूनतम भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम 2300 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वाई (सतारा) मंडी में सबसे अधिक कीमत 2300 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुई। पुणे, मोषी और पिंपरी की मंडियों में प्याज 500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल पर बिका, जबकि रहटा (अहमदनगर) में कीमतें 600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं। महाराष्ट्र की मोडल कीमतें 1050 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गईं, जो बताती हैं कि यहां भंडारण और मांग-आपूर्ति के आधार पर दामों में असमानता बनी रही।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर और बेहतर रही। यहां प्याज के दाम 1100 रुपये से 1850 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे। संभल मंडी में सबसे अधिक कीमत 1850 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई, जबकि अमेठी, फतेहपुर, गोंडा, जालौन, पीलीभीत और शाहजहांपुर की मंडियों में भी कीमतें स्थिर बनी रहीं। यूपी की मोडल कीमतें 1115 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल तक रही, जो किसानों के लिए कुछ हद तक लाभकारी साबित हुईं।

कुल मिलाकर, 31 अगस्त को तीन बड़े प्याज उत्पादक राज्यों की मंडियों की तस्वीर अलग-अलग रही। मध्यप्रदेश में दाम बेहद कम रहे जिससे किसानों को घाटे का सामना करना पड़ा, महाराष्ट्र में मांग और आपूर्ति के अनुसार भावों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि उत्तर प्रदेश में दाम स्थिर और किसानों के लिए राहतभरे साबित हुए। ऐसी स्थिति में किसानों और व्यापारियों के लिए मंडियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है ताकि सही समय पर उपज बेचकर बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सके।

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