देशभर में लंबे समय तक टमाटर के थोक दामों में गिरावट के बाद अब जून से टमाटर की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। खासकर महाराष्ट्र की मंडियों में टमाटर के भावों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, मध्य प्रदेश की मंडियों में कीमतों में इतनी तेजी नहीं आई है कि किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सके। 22 जुलाई 2025 को प्रदेश की विभिन्न मंडियों में टमाटर की न्यूनतम कीमत 500 रुपये और अधिकतम 4000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रही।
बड़वानी की सेंधवा मंडी में टमाटर की सबसे कम कीमत 500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि हरदा जिले की टिमरनी मंडी में टमाटर का थोक भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। अन्य प्रमुख मंडियों की बात करें तो इंदौर में 800 से 2000, देवास में 1400 से 2400, सागर में 2600 से 3400, और मुरैना में स्थिर रूप से 2000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देखने को मिला।
वहीं महाराष्ट्र में टमाटर की कीमतें तुलनात्मक रूप से ऊंची बनी हुई हैं। नागपुर की मंडियों में थोक भाव 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो करीब 45 रुपये प्रति किलो बैठता है। नागपुर के हिंगना, कलमेश्वर और कामठी मंडियों में टमाटर के थोक भाव क्रमशः 4500, 3000 और 4475 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। इसके अलावा अमरावती, जलगांव, पुणे, नाशिक, कोल्हापुर और मुंबई की मंडियों में भी टमाटर की कीमतें 1000 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रही हैं।
सोलापुर में टमाटर की न्यूनतम कीमत 500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई, जो कि महाराष्ट्र में सबसे कम है। लेकिन अधिकांश मंडियों में टमाटर का मॉडल भाव 2000 रुपये से ऊपर बना हुआ है, जिससे किसानों को तुलनात्मक रूप से बेहतर दाम मिल रहे हैं।
टमाटर की इस तेजी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में यदि आपूर्ति सीमित रही तो कीमतों में और इज़ाफा हो सकता है। हालांकि, मध्य प्रदेश में अब भी किसानों को बाजार से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे राज्य में टमाटर उत्पादकों की चिंता बनी हुई है।
