मंडी भाव

दलहन किसानों को मिल रहे हैं MSP से कम दाम, हजारों मंडियों में संकट

pulses farmers

नई दिल्ली: देशभर में दलहन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और अधिकांश मंडियों में दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बने हुए हैं। 1 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 के बीच विभिन्न राज्यों की हजारों मंडियों में तुअर, चना, उड़द, मूंग और मसूर जैसी प्रमुख दलहनों का भाव समर्थन मूल्य से कम दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चना और तुअर की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में चना की अनेक मंडियों में कीमत समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे रही। इसी प्रकार तुअर का समर्थन मूल्य 8,000 रुपये प्रति क्विंटल होते हुए भी अधिकांश स्थानों पर इससे कम दर पर बिक्री दर्ज हुई।

मसूर, मूंग और उड़द पर भी दबाव

मसूर, जिसका समर्थन मूल्य 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तय है, विशेषकर मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में मंडियों में इससे कम दर पर बिकती रही। मूंग और उड़द की फसलों पर भी कई क्षेत्रों में दबाव बना रहा। यद्यपि इनका प्रभाव कुछ हद तक क्षेत्रीय रहा, लेकिन समग्र रूप से पूरे दलहन क्षेत्र में दामों की कमजोरी बनी हुई है।

MSP से ऊपर बिक्री बहुत कम

जहां अधिकांश मंडियों में दाम समर्थन मूल्य से नीचे रहे, वहीं समर्थन मूल्य से ऊपर का व्यापार बेहद सीमित रहा। कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कुछ चुनिंदा मंडियों में ही दाम समर्थन मूल्य से ऊपर पहुंचे। यह संख्या कुल बाजार की तुलना में बहुत कम है, जिससे स्पष्ट है कि किसानों को बेहतर मूल्य मिलना इस समय अत्यंत दुर्लभ स्थिति बन गई है।

सरकारी खरीद से उम्मीद

सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना में दलहनों की समर्थन मूल्य पर खरीद को मंजूरी दी है। ये वही क्षेत्र हैं जहां समर्थन मूल्य से नीचे व्यापार अधिक देखा गया। इससे संकेत मिलता है कि यहां सरकारी खरीद की आवश्यकता सबसे अधिक है।

किसानों के लिए क्या संकेत?

मौजूदा हालात किसानों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। दलहन बाजार में दबाव जारी है और समर्थन मूल्य का लाभ व्यापक पैमाने पर किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। आने वाले दिनों में सरकारी खरीद की गति और बाजार की स्थिति मिलकर यह तय करेगी कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल पाएगा या नहीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री ने संकेत दिया है कि गेहूं और धान की खरीदी जल्द शुरू होगी और तुअर, मसूर तथा उड़द की भी पूरी खरीदी की जाएगी।

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