कृषि समाचार

पंजाब की मंडियों में गेहूं की खरीद तेज

wheat in the markets

चंडीगढ़: पंजाब के मोहाली जिले की मंडियों में गेहूं की खरीद सुचारू रूप से जारी है और किसानों को उनकी उपज का भुगतान तेजी से किया जा रहा है। अब तक खरीदे गए गेहूं के बदले करीब 17 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वरिंदर कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार तय समय से पहले ही भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है और किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।

मोहाली में खरीद और भुगतान की स्थिति

मोहाली जिले की मंडियों में अब तक 13,717 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से 9,272 मीट्रिक टन की खरीद पूरी कर ली गई है। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से खरीद का कार्य किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से अलग-अलग संस्थाओं द्वारा हजारों मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इससे मंडियों में व्यवस्था सुचारू बनी हुई है और किसानों को राहत मिल रही है।

बारिश से प्रभावित गेहूं की जांच

इस बीच केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय टीम मंडियों का दौरा कर रही है और बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने एकत्र कर रही है। टीम ने बनूर, लालड़ू और कुराली मंडियों का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मंडियों में केवल सूखा गेहूं ही लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

जालंधर में गुणवत्ता और उत्पादन को लेकर चिंता

वहीं जालंधर जिले की मंडियों में बैसाखी के अवसर पर गेहूं की आवक शुरू हो गई है, लेकिन यहां किसानों और आढ़तियों ने फसल की गुणवत्ता और कम पैदावार को लेकर चिंता जताई है। अलग-अलग मंडियों में लगभग 1,400 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा, जबकि केवल करीब 250 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी। किसानों के अनुसार गेहूं के दाने सिकुड़े हुए हैं, उनमें चमक की कमी है और नमी की मात्रा अधिक पाई जा रही है, जिससे कीमत और खरीद दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

मौसम की मार से घटा उत्पादन

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र की टीमों ने करतारपुर, भोगपुर, कामसलपुरा और मेहटपुर जैसी मंडियों का भी निरीक्षण किया है और गेहूं के नमूने एकत्र किए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसानों का कहना है कि फसल के बढ़ने के दौरान अत्यधिक और अनिश्चित मौसम के कारण उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुए हैं। मीरपुर गांव के एक किसान ने बताया कि उनकी पैदावार उम्मीद से काफी कम रही और अनाज में ताजगी की भी कमी देखने को मिली। इस स्थिति के बावजूद सरकार द्वारा खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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