पटना: बिहार में टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना यानी वेजफेड को राज्य की विभिन्न प्रसंस्करण इकाइयों के लिए कुल 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक कम होगी। शुक्रवार को सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में वेजफेड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस योजना को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए गए।
सीधे किसानों से होगी टमाटर की खरीद
बैठक में जानकारी दी गई कि इस व्यवस्था के तहत टमाटर की खरीद सीधे किसानों से की जाएगी और उसे तय की गई प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर भुगतान मिले और उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें ही प्राप्त हो। वेजफेड ने तिरहुत सब्जी संघ, मोतिहारी को निर्देश दिया है कि वह टमाटर खरीद के लिए राज्य के सभी सब्जी उत्पादक संघों और प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (पीवीसीएस) के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करे।
सभी जिलों से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचेगा टमाटर
राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में किसानों से टमाटर की खरीद कर उसे सीधे प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को बाजार की अनिश्चितता से राहत मिलेगी और प्रसंस्करण उद्योगों को भी लगातार कच्चा माल उपलब्ध होता रहेगा। बिहार के सभी 534 प्रखंडों में पीवीसीएस का पंजीकरण पूरा हो चुका है। इसके अलावा राज्य में कुल सात सब्जी उत्पादक संघ पंजीकृत हैं, जिनमें हरित, तिरहुत, मिथिला, मगध, भागलपुर, मुंगेर और सारण शामिल हैं। इन्हीं संघों के माध्यम से किसानों को संगठित कर बाजार से जोड़ा जा रहा है।
उत्पादन से लेकर बिक्री और प्रोसेसिंग तक मजबूत होगी व्यवस्था
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सब्जी उगाने वाले किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य मिले। इसके लिए उत्पादन, संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण और बिक्री की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है। वेजफेड के जरिए मेगा फूड पार्क, डिहाइड्रेशन यूनिट, हल्दी प्रसंस्करण इकाई और टमाटर प्रसंस्करण इकाई जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
योजनाओं को जमीन पर उतारने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर किसानों तक अधिकतम लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन, अन्य अधिकारी और विभिन्न सब्जी उत्पादक संघों के अध्यक्ष मौजूद रहे। यह पहल बिहार के सब्जी किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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