देशभर में जून महीने से मॉनसून की दस्तक के साथ ही टमाटर की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। जुलाई के अंत तक आते-आते हालत यह हो गई है कि कई राज्यों की थोक मंडियों में टमाटर के दाम 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। खासकर महाराष्ट्र की मंडियों में आज, 30 जुलाई को टमाटर के अधिकतम दाम 7000 रुपये प्रति क्विंटल यानी 70 रुपये किलो तक दर्ज किए गए। टमाटर की आवक में कमी और मांग बनी रहने के कारण कीमतों में यह उछाल आया है। हालांकि किसानों के लिए यह स्थिति राहत लेकर आई है, लेकिन आम उपभोक्ता खुदरा बाजार में महंगे टमाटर खरीदने को मजबूर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार के दाम पिछले साल के मुकाबले कुछ जगहों पर भले ही कम हों, लेकिन फिलहाल देश की अधिकतर मंडियों में टमाटर महंगा बिक रहा है।
महाराष्ट्र की बात करें तो यहां की कई प्रमुख मंडियों में टमाटर के थोक दामों में भारी अंतर दर्ज किया गया। अमरावती में जहां टमाटर का मॉडल रेट 3500 रुपये प्रति क्विंटल रहा, वहीं छत्रपति संभाजीनगर में यह 5000 रुपये और नागपुर में 5750 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। कुछ मंडियों जैसे कि सोलापुर और कल्याण में यह भाव 1000 रुपये से भी नीचे रहा, जबकि हिंगणा, कोल्हापुर, पुणे और रत्नागिरी जैसी जगहों पर भाव 3000 से 4500 रुपये के बीच बने हुए हैं।
उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी टमाटर की कीमतें किसानों के लिए बेहतर स्तर पर बनी हुई हैं। आगरा, फिरोजाबाद, अनूपशहर, भिनगा, सहारनपुर और ओरई जैसी मंडियों में मॉडल रेट 3800 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास हैं। वहीं जालौन के उरई मंडी में देसी टमाटर 5400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यहां देसी किस्मों की मांग और हाइब्रिड किस्मों की उपलब्धता कीमतों में अंतर का कारण बन रही है।
मध्य प्रदेश की मंडियों में टमाटर के दामों में भारी अंतर देखा गया। कुछ स्थानों जैसे सेंधवा और सीहोर में न्यूनतम कीमतें 400 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गईं, जबकि पिपरिया, सागर, सांवेर और टिमरनी जैसी मंडियों में कीमतें 4000 से 5000 रुपये तक पहुंच गईं। यह दर्शाता है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में उपज और आपूर्ति की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है।
राजस्थान में भी टमाटर की कीमतें ऊंचाई पर बनी हुई हैं। कोटा, जयपुर, बस्सी और जोधपुर जैसी मंडियों में थोक भाव 5000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे हैं। वहीं, उदयपुर और अजमेर जैसे इलाकों में मॉडल रेट 2700 से 3500 रुपये के बीच रहा। अलवर, श्रीगंगानगर और सूरतगढ़ जैसी मंडियों में भी टमाटर 4000 रुपये से अधिक के स्तर पर बिक रहा है।
कुल मिलाकर, देश की प्रमुख मंडियों में टमाटर के दामों में तेजी का रुख बना हुआ है। जहां एक ओर किसान इस बढ़ी हुई कीमत से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता महंगाई से परेशान हैं। मंडियों में आवक में कमी और मॉनसून की अनिश्चितता के चलते कीमतों में यह उछाल बना रह सकता है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का असर खेती पर पड़ा या फसल को नुकसान पहुंचा, तो दाम और भी बढ़ सकते हैं।
