नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद थी कि होली से पहले दो हजार रुपये की यह किस्त उनके खातों में आ जाएगी, लेकिन अभी तक भुगतान जारी नहीं हुआ है। इससे लाभार्थी किसानों के बीच अगली किस्त की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार की ओर से अभी तक पीएम किसान की किस्त जारी होने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस किस्त की घोषणा 13 मार्च के आसपास हो सकती है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर जाने वाले हैं।
फरवरी के अंत तक आने की थी उम्मीद
पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि यह किस्त फरवरी के अंत तक या होली से पहले जारी कर दी जाएगी। ऐसा इसलिए माना जा रहा था क्योंकि पिछले वर्षों के रुझान के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त सामान्य तौर पर हर साल फरवरी में जारी होती रही है। लेकिन इस बार फरवरी समाप्त होने और होली बीत जाने के बाद भी भुगतान जारी नहीं हुआ है, जिससे किसानों में इंतजार और बढ़ गया है।
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही एक प्रमुख योजना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल छह हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि दो-दो हजार रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के माध्यम से यह राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती है, जिससे किसी प्रकार के बिचौलिये की भूमिका समाप्त हो जाती है। वर्ष 2019 में शुरू होने के बाद यह योजना किसानों के लिए सरकार की सबसे बड़ी आय सहायता योजनाओं में से एक बन चुकी है।
हर चार महीने में मिलती है किस्त
पीएम किसान की पिछली किस्त वर्ष 2025 के अंत में जारी की गई थी। आम तौर पर किसानों को हर चार महीने में योजना की अगली किस्त मिलती है। इसी क्रम को देखते हुए किसानों को फरवरी 2026 में 22वीं किस्त मिलने की उम्मीद थी। अब संभावना जताई जा रही है कि सरकार प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रम के दौरान इस किस्त की घोषणा कर सकती है।
किन किसानों को नहीं मिलेगा भुगतान
पीएम किसान योजना में पंजीकृत सभी किसानों को स्वतः किस्त नहीं मिलती है। यदि पात्रता से जुड़ी शर्तें पूरी नहीं होतीं तो भुगतान रोका जा सकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को किस्त नहीं मिल सकती है यदि उन्होंने पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की हो, पोर्टल पर किसान पहचान संख्या सत्यापित न हो, भूमि रिकॉर्ड की जांच पूरी न हुई हो या परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में हो।
इसके अलावा यदि किसान या परिवार का कोई सदस्य आयकर देता है या परिवार में किसी को हर महीने दस हजार रुपये या उससे अधिक की सरकारी पेंशन मिलती है तो भी योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। सरकार हर किस्त से पहले लाभार्थियों की सूची की जांच करती है और अपात्र खातों को हटा दिया जाता है।
किसानों को पूरे करने होंगे जरूरी कार्य
भुगतान में देरी से बचने के लिए किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्होंने पोर्टल पर सभी आवश्यक विवरण पूरे कर दिए हैं। इसमें पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना, भूमि रिकॉर्ड की जानकारी की जांच करना और योजना पोर्टल पर अपनी पात्रता की पुष्टि करना शामिल है। किसान अपने पंजीकरण और भुगतान की स्थिति की जानकारी के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध किसान संवाद सुविधा का उपयोग भी कर सकते हैं।
ऐसे जांच सकते हैं लाभार्थी सूची में नाम
किसान यह जानने के लिए कि वे अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं, योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लाभार्थी सूची देख सकते हैं। इसके लिए राज्य, जिला, तहसील, विकासखंड और गांव का चयन करना होता है। यदि सूची में नाम दर्ज है और सभी विवरण सही पाए जाते हैं, तो सरकार द्वारा भुगतान जारी होने के बाद दो हजार रुपये की किस्त सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। फिलहाल देशभर के किसान योजना की 22वीं किस्त से जुड़ी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जो इस सप्ताह के अंत तक आने की संभावना जताई जा रही है।
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