मौसम का हाल

उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ से बारिश-बर्फबारी के आसार

North India weather

नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 13 फरवरी और 16-17 फरवरी 2026 को दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, 12 फरवरी तक मेघालय और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है।

तापमान को लेकर IMD का पूर्वानुमान

आईएमडी के मुताबिक 12 फरवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। देश के अन्य हिस्सों में भी न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में अगले 48 घंटों तक स्थिति लगभग समान रहेगी, फिर 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का हाल

मौसम विभाग के अनुसार 12 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध रह सकती है। अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री और न्यूनतम 11 से 13 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर के समय उत्तर-पश्चिमी हवाएं 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। 13 फरवरी को राजधानी में आंशिक बादल छा सकते हैं। 14 फरवरी को फिर से आसमान साफ रहने की संभावना है और तापमान 27 से 29 डिग्री तक पहुंच सकता है।

इन राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना

आईएमडी के मुताबिक 13, 16 और 17 फरवरी को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव है। 16-17 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 12 और 14 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश का अनुमान है। 13 फरवरी को उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मेघालय में 12 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा रह सकता है।

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

एग्रोमेट एडवाइजरी के अनुसार पश्चिमी हिमालयी राज्यों के किसान बारिश और बर्फबारी को देखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण सुरक्षित स्थानों पर करें। कोहरे वाले इलाकों में सब्जी और दलहनी फसलों पर फफूंदनाशक छिड़काव पर ध्यान दें। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंड और नमी से बचाने के लिए खुले में न बांधें। पशुओं को सूखा चारा और साफ पानी उपलब्ध कराएं।

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