नई दिल्ली: देश में रबी 2025-26 सीजन के दौरान सरसों उत्पादन में वृद्धि का अनुमान जताया गया है, जिससे तिलहन क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार इस बार सरसों की खेती का रकबा बढ़कर 93.91 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 92.15 लाख हेक्टेयर था।
उत्पादन और उपज में सुधार
अनुमान के मुताबिक इस सीजन में सरसों का कुल उत्पादन 119.4 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के 115.2 लाख टन से अधिक है। इस प्रकार उत्पादन में लगभग 3.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुकूल मौसम और बेहतर कृषि पद्धतियों के चलते औसत उपज भी बढ़कर 1271 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है।
प्रमुख राज्यों में उत्पादन की स्थिति
राजस्थान सरसों उत्पादन में देश में अग्रणी बना हुआ है, जहां उत्पादन 53.9 लाख टन रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी उत्पादन बढ़कर 18.1 लाख टन हो गया है। हरियाणा में लगातार वृद्धि जारी है और उत्पादन 12.7 लाख टन तक पहुंच गया है। हालांकि मध्य प्रदेश में उत्पादन थोड़ा घटकर 13.9 लाख टन रह गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं असम में उत्पादन घटने का अनुमान है, जबकि बिहार में उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है।
घरेलू आपूर्ति पर पड़ेगा सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सरसों की अच्छी फसल से देश में खाद्य तेल की उपलब्धता बेहतर होगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे तिलहन क्षेत्र की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।
मौसम का मिला-जुला असर
इस सीजन में मौसम की स्थिति अधिकांश समय फसल के अनुकूल रही। हालांकि मार्च में हुई बेमौसम बारिश का कुछ राज्यों में सीमित असर देखा गया। असम में इसका प्रभाव अधिक रहा, जबकि राजस्थान और पश्चिम बंगाल में इसका असर बहुत कम पड़ा।
बुवाई और विकास के दौरान स्थिति
सीजन की शुरुआत में मिट्टी में पर्याप्त नमी होने से बुवाई में मदद मिली, लेकिन अक्टूबर और नवंबर में हुई बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में देरी और असमान अंकुरण की समस्या सामने आई। बाद में शुष्क और स्थिर मौसम ने फसल के विकास में सुधार किया, हालांकि कुछ वर्षा आधारित क्षेत्रों में नमी की कमी से वृद्धि प्रभावित हुई। सरसों उत्पादन में यह बढ़ोतरी देश के तिलहन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, लेकिन क्षेत्रीय असमानताओं और मौसम से जुड़ी चुनौतियों पर नजर बनाए रखना भी जरूरी होगा।
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