कृषि समाचार

उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था मजबूत, 7 नई ड्रेन परियोजनाओं को मंजूरी

Irrigation system in Uttar Pradesh

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और जलभराव व बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। सिंचाई और जल संसाधन विभाग द्वारा खेतों तक समय पर पानी पहुंचाने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, फसल उत्पादन में सुधार करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

7 नई ड्रेन परियोजनाओं को मिली मंजूरी

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 7 नई ड्रेन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में एक-एक नई ड्रेन बनाई जाएगी। वहीं बिजनौर और बहराइच में दो-दो ड्रेन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 74.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ड्रेन परियोजनाओं के निर्माण से खेतों में जमा अतिरिक्त पानी की निकासी संभव होगी, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी। इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था के और अधिक प्रभावी बनने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इससे किसानों की फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे। इसी उद्देश्य के तहत सिंचाई विभाग द्वारा नहरों, ड्रेनों और अन्य जल संरचनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सही समय पर पानी मिलने से किसानों को खेती में सहूलियत होगी और उनकी आय में सुधार होगा।

ड्रेनों की सफाई का बड़ा अभियान

नई ड्रेन परियोजनाओं के साथ-साथ पुरानी ड्रेनों की सफाई पर भी जोर दिया जा रहा है। बरसात और बाढ़ के कारण ड्रेनों में मिट्टी और गाद भर जाने से पानी का बहाव बाधित हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रदेश में 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य रखा गया है।

अब तक 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। शेष कार्य को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा हो सके।

किसानों और गांवों को होगा सीधा लाभ

ड्रेनों के निर्माण और सफाई से जलभराव की समस्या में कमी आएगी और खेतों में पानी का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर होगा और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस तरह उत्तर प्रदेश सरकार सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिससे किसानों को राहत और प्रदेश को विकास की नई गति मिलेगी।

ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में श्रमिक, किसान और महिला कल्याण पर जोर

Related posts

Leave a Comment