कानपुर: आईआईटी कानपुर ने गेहूं की एक नई किस्म विकसित की है, जिसकी बुवाई करने के बाद 35 दिनों तक सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस किस्म के गेहूं की खासियत यह है कि गर्मी और लू में भी इसे सूखने और झुलसने का खतरा नहीं रहेगा। ऐसे में किसानों को सिंचाई करने के लिए काफी समय मिलेगा और पानी की खपत कम होने से उन्हें कम खर्चे भी करने पड़ेंगे। बता दें कि, इस तरह की किस्म पर पूसा रिसर्च इंस्टीटयूट भी काम कर रहा है।
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Krishi Pitaara
कृषि पिटारा किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता हुआ एक भरोसेमंद कृषि मीडिया प्लेटफॉर्म है। यह यूट्यूब पर 1 लाख से अधिक सब्सक्राइबर के साथ-साथ जियो टीवी, एयरटेल एक्सट्रीम, न्यूज़ हंट और कई प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। कृषि पिटारा की पहचान विशुद्ध रूप से कृषि आधारित कार्यक्रमों से है, जो विशेषज्ञों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी और किसानों के वास्तविक अनुभव व फीडबैक पर आधारित होते हैं।
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