नई दिल्ली: गेंदे का फूल भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों, शादियों और त्योहारों की सजावट में इसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। इसके चमकीले पीले और नारंगी फूल न केवल वातावरण को खूबसूरत बनाते हैं बल्कि बाग-बगीचों की शोभा भी बढ़ाते हैं। खास बात यह है कि गेंदे का पौधा आसानी से उगाया जा सकता है और इसकी देखभाल भी मुश्किल नहीं होती।
गेंदे का फूल बीज से उगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी तैयार करनी होती है। मिट्टी में नमी नहीं होनी चाहिए और इसे भुरभुरा करने के बाद अच्छी तरह खाद मिलानी चाहिए। बीज को आधा इंच गहराई पर बोया जाता है और इसके बीच की दूरी लगभग चार से छह इंच रखनी चाहिए। इसके बाद हल्का पानी छिड़कना होता है। करीब पांच से दस दिनों में बीज अंकुरित हो जाते हैं। जब पौधा चार से छह इंच की ऊंचाई तक बढ़ जाए, तो उसे गमले या बगीचे की मिट्टी में रोपना चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि एक गमले में दो से ज्यादा पौधे नहीं लगाने चाहिए। गेंदे का पौधा भरपूर धूप और नियमित पानी से तेजी से बढ़ता है और अच्छे फूल देता है।
अगर बीज उपलब्ध न हों तो गेंदे का पौधा कटिंग से भी आसानी से लगाया जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ पौधे से चार से छह इंच लंबी कटिंग ली जाती है। कटिंग को लगाने के लिए आधी मिट्टी और आधी रेत का मिश्रण तैयार किया जाता है ताकि पानी आसानी से निकल सके और कटिंग सड़े नहीं। कटिंग का एक तिहाई हिस्सा मिट्टी में दबा देना चाहिए और हल्का पानी छिड़कना चाहिए। कुछ समय बाद जब कटिंग से जड़ें निकलने लगती हैं और पौधा जमने लगता है, तो इसे धूप में रखना शुरू किया जाता है। इसके बाद पौधा मजबूत होने पर गमले में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है।
गेंदे के पौधे की देखभाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पौधा तेजी से बढ़ता है इसलिए इसकी टहनियों को ऊपर से तोड़ते रहना चाहिए जिससे नई टहनियां निकलें और ग्रोथ बेहतर हो। जड़ों में सीधे खाद डालने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पौधे के जलने का खतरा रहता है। गेंदे का फूल लगाने का सबसे अच्छा समय जुलाई से अक्टूबर तक का माना जाता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास होने के साथ-साथ गेंदे का फूल बागवानी प्रेमियों के लिए भी वरदान है। यह कम देखभाल में भी जल्दी बढ़ जाता है और लंबे समय तक फूल देता है। सही समय और तरीके से लगाया गया गेंदे का पौधा पूरे सीजन आपके घर और बगीचे की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा सकता है।
