कृषि समाचार

अमित शाह ने किसानों से की जैविक खेती अपनाने की अपील

अमित शाह की किसानों से अपील

राजकोट/नई दिल्ली: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करें और इसके बजाय जैविक खेती की ओर बढ़ें। शाह ने कहा कि भारत सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियां अपनाने वाले किसानों को अधिकतम लाभ मिले।

गुजरात के राजकोट जिले में सात सहकारी संगठनों की वार्षिक आम बैठक में कृषिविदों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को नवरात्रि और दिवाली का तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटा दी गई हैं। नई दरें 22 सितंबर (नवरात्रि के पहले दिन) से लागू हो गई हैं।

जैविक उत्पादों के वैश्विक बाजार में भारत का लक्ष्य

शाह ने कहा कि भारत जैविक उत्पादों के वैश्विक बाजार का बड़ा हिस्सा यहां के किसानों के लिए लेकर आने जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जैविक खेती से जुड़े किसानों को अधिक लाभ मिले। जैविक खेती का उद्देश्य कृत्रिम उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग कम करना और प्राकृतिक संसाधनों जैसे जैविक अपशिष्ट और लाभकारी सूक्ष्मजीवों का इस्तेमाल करके मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को संरक्षित करना है।

भारत ऑर्गेनिक्सब्रांड से किसानों को फायदा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को उनके जैविक उत्पादों की बिक्री से सीधा लाभ दिलाने के लिए “भारत ऑर्गेनिक्स” नामक ब्रांड लॉन्च किया गया है। इसके तहत नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड किसानों से जैविक उत्पाद खरीदेगा और उन्हें बाजार में बेचेगा।

इसके साथ ही, किसानों की मदद के लिए एक नई निर्यात और बीज सहकारी संस्था भी स्थापित की गई है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात के आणंद जिले में त्रिभुवनदास पटेल सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जो सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।

सहकारिता मंत्रालय की 60 पहल

  • अमित शाह ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय ने पिछले तीन सालों में 60 पहलें की हैं। इनमें शामिल हैं:
  • प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को मजबूत करने की योजना।
  • समितियों का कम्प्यूटरीकरण।
  • सहकारी मंडलियों के लिए गोदाम निर्माण।

उन्होंने कहा कि इन पहलों की बदौलत पिछले तीन वर्षों में देश का सहकारी ढांचा मजबूत हुआ है। जो ढांचा पिछले 40 सालों से कमजोर हो रहा था, वह अब स्थिर होकर 12% तक मजबूत हुआ है।

गुजरात में नई कम्प्यूटरीकृत प्रणाली

शाह ने बताया कि गुजरात में किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाने के लिए एक कम्प्यूटरीकृत प्रणाली लागू की गई है। बनासकांठा और पंचमहल जिलों में शुरू की गई पायलट परियोजना को अब पूरे राज्य में अपनाया जा रहा है। इसके अलावा शाह ने सूरत जिले के कोसमाडा में 101 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस्कॉन वराछा मंदिर की आधारशिला भी रखी।

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