कृषि समाचार

पंजाब में गेहूं की खरीद शुरू, 24 घंटे में भुगतान का दावा

wheat in punjab

चंडीगढ़: पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी में खरीद सीजन का शुभारंभ करते हुए राज्य सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया है।

24 घंटे में भुगतान और बड़े लक्ष्य की तैयारी

सरकार ने घोषणा की है कि किसानों से खरीदे गए गेहूं का भुगतान चौबीस घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाएगा। इस वर्ष राज्य ने एक सौ बाइस लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जबकि भंडारण के लिए इससे अधिक क्षमता की व्यवस्था भी की गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही फसल खरीदने का आश्वासन दिया गया है।

मंडियों में सुविधाओं का किया गया विस्तार

प्रशासन के अनुसार सभी मंडियों में भंडारण, साफ-सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही खरीदे गए गेहूं के समय पर उठान के लिए भी आवश्यक इंतजाम पहले से कर लिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

मौसम बना किसानों के लिए चिंता का कारण

खरीद प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। खेतों में खड़ी फसल गिरने से उत्पादन पर असर पड़ सकता है और कटाई में भी देरी हो सकती है।

बेमौसम बारिश से फसल को भारी नुकसान

राज्य के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। बड़ी मात्रा में फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

मुआवजे की मांग तेज

राज्य सरकार ने फसल नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार से मुआवजे की मांग की है। नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें तैनात की गई हैं और किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। खरीद प्रक्रिया के बीच मौसम की मार और फसल नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, ऐसे में अब सबकी नजर राहत और मुआवजे के फैसले पर टिकी है।

ये भी पढ़ें: हरियाणा में फसल खरीद व्यवस्था पर सियासत तेज, सरकार का जवाब

Related posts

Leave a Comment