भारत में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया कई राज्यों में शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगहों पर अचानक बारिश और मौसम में बदलाव ने किसानों के लिए समस्याएं खड़ी कर दी हैं। गेहूं में अधिक नमी के कारण उसकी क्वालिटी पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। अब राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद 15 मार्च से शुरू होगी।
पहले 1 मार्च थी तारीख, अब बढ़कर 15 मार्च हुई
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने के लिए पहले 1 मार्च की तारीख तय की गई थी, लेकिन हाल ही में हुई बारिश और मौसम के बदलाव के कारण मंडियों में आ रहे गेहूं में अधिक नमी पाई गई। इस वजह से अब राज्य सरकार ने गेहूं खरीद की तारीख को बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया है। हालांकि, कुछ किसान पहले ही गेहूं लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं।
1 मार्च से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं की खरीद शुरू की गई थी, लेकिन विपरीत मौसम स्थितियों के चलते इन मंडियों में आ रहे गेहूं में नमी का स्तर अधिक पाया गया, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती थी। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, अब गेहूं की सरकारी खरीद 15 मार्च से शुरू होगी।
क्वालिटी बनाए रखने के लिए तारीख बढ़ाई गई
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस संबंध में जानकारी दी और कहा कि इस साल गेहूं की फसल की कटाई में देरी हुई है और मंडियों में आने वाले गेहूं में अधिक नमी पाई गई है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, गेहूं खरीद की तारीख को आगे बढ़ाया गया है ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी फसल बेचने का मौका मिल सके और उन्हें उचित मूल्य भी मिले। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि किसानों की फसल की गुणवत्ता बनी रहे और वे बिना किसी चिंता के अपने गेहूं की बिक्री कर सकें।
खाद्य विभाग की घोषणा और पंजीकरण की प्रक्रिया
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा है कि मध्य प्रदेश में 15 मार्च 2025 से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण कराएं ताकि वे अपने गेहूं को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकें। इसके अलावा, गेहूं की खरीद प्रक्रिया 5 मई तक जारी रहेगी, इसलिए किसानों को इस अवधि के भीतर अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा।
किसानों को मिलेगा 2600 रुपये प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में एक घोषणा की और कहा कि इस बार सरकार गेहूं किसानों से 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। यह मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से 175 रुपये प्रति क्विंटल अधिक होगा। पिछले साल राज्य सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल 2400 रुपये दिए थे, जिसमें 125 रुपये का बोनस शामिल था। इस साल सरकार ने किसानों को अधिक दाम देने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सके।
केंद्र सरकार की बढ़ी हुई MSP भी किसानों के लिए राहत
केंद्र सरकार ने इस साल गेहूं के MSP में 150 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब गेहूं का MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इस बढ़ी हुई MSP के साथ राज्य सरकार ने किसानों के लिए 2600 रुपये प्रति क्विंटल का दाम निर्धारित किया है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए पर्याप्त समय देने और उनकी फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए है। 15 मार्च से शुरू होने वाली गेहूं की सरकारी खरीद से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, और यह उन्हें वित्तीय राहत प्रदान करेगा। किसानों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि वे अपने गेहूं को MSP पर बेच सकें और सरकार की योजनाओं का फायदा उठा सकें।
