नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026: खरीफ 2026 सीजन में किसानों को यूरिया की उपलब्धता को लेकर राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि इस बार देश में आवश्यकता से कहीं अधिक यूरिया उपलब्ध है। पर्याप्त भंडार, बढ़ी हुई घरेलू उत्पादन क्षमता और नई नीतियों के चलते खाद की आपूर्ति सुचारु रहने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
जरूरत से लगभग 48 प्रतिशत अधिक यूरिया उपलब्ध
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री ने लोकसभा में बताया कि खरीफ 2026 के लिए देश में कुल 163.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जबकि इस मौसम में अनुमानित आवश्यकता 109.40 लाख मीट्रिक टन है। यानी देश में करीब 54.38 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया उपलब्ध है, जो अनुमानित मांग से लगभग 47.9 प्रतिशत अधिक है। इससे किसानों को खाद की कमी का सामना करने की संभावना काफी कम हो गई है।
घरेलू उत्पादन क्षमता में हुआ बड़ा विस्तार
सरकार ने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश की यूरिया उत्पादन क्षमता 207.54 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष थी, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 269.42 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो गई है। नई निवेश नीति के तहत छह नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 76.2 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जुड़ी है। इससे आयात पर निर्भरता घटाने और देश को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा यूरिया उत्पादन
सरकार के अनुसार हाल के वर्षों में यूरिया उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में देश में 314.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, जबकि वर्ष 2025-26 में उत्पादन 293.30 लाख मीट्रिक टन रहा। इसके मुकाबले वर्ष 2004-05 से 2013-14 के बीच औसत वार्षिक उत्पादन 210.72 लाख मीट्रिक टन था। इससे स्पष्ट है कि देश की उत्पादन क्षमता और वास्तविक उत्पादन दोनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर सरकार की विशेष नजर
यूरिया उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस सबसे महत्वपूर्ण कच्चा माल है। सरकार ने बताया कि घरेलू गैस उत्पादन के साथ आयातित गैस का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि उत्पादन प्रभावित न हो। गैस आधारित यूरिया संयंत्रों के लिए समान लागत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गैस पूलिंग व्यवस्था भी लागू की गई है।
नई निवेश नीति से बढ़ेगा घरेलू उत्पादन
सरकार ने राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति का उद्देश्य यूरिया क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षमता में और वृद्धि करना तथा भविष्य की मांग को घरेलू उत्पादन से पूरा करना है। इससे देश की उर्वरक सुरक्षा और मजबूत होने की उम्मीद है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी
सरकार ने बताया कि उर्वरकों का वितरण आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियंत्रित किया जा रहा है। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए 1 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 के बीच देशभर में 1,58,886 छापेमारी की गई। इस दौरान 8,262 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 2,692 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए तथा 247 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि किसानों तक उर्वरकों की पारदर्शी, समयबद्ध और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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