कृषि समाचार

किसानों को सीधे नहीं मिलेगी खाद सब्सिडी

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नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसानों के बैंक खातों में सीधे खाद सब्सिडी भेजने की कोई योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि देशभर के पात्र किसानों का पूर्ण और व्यापक विवरण अभी तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था के तहत उर्वरक कंपनियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सब्सिडी का भुगतान जारी रहेगा, जबकि किसानों को पहले की तरह रियायती दरों पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

वर्तमान व्यवस्था में कंपनियों को मिलती है सब्सिडी

लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने बताया कि मौजूदा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी तभी जारी की जाती है, जब किसानों को वास्तविक रूप से खाद की बिक्री हो जाती है। प्रत्येक अधिकृत खाद विक्रय केंद्र पर आधार सत्यापन के माध्यम से बिक्री दर्ज की जाती है और उसी के आधार पर संबंधित कंपनी को सब्सिडी का भुगतान किया जाता है।

किसानों के खातों में सीधे राशि भेजने की योजना नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया कि खाद सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था फिलहाल लागू नहीं की जा सकती। इसके लिए पहले देशभर के पात्र किसानों का व्यापक और पूर्ण विवरण तैयार होना आवश्यक है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वर्तमान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ही लागू रहेगी।

पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर उठा था सवाल

लोकसभा में सरकार से यह पूछा गया था कि क्या खाद सब्सिडी को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने की योजना बनाई जा रही है। सरकार ने अपने उत्तर में कहा कि मौजूदा व्यवस्था किसानों को रियायती दर पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।

उत्तर प्रदेश में खाद की उपलब्धता पर्याप्त

केंद्र सरकार के अनुसार खरीफ 2026 मौसम के दौरान उत्तर प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एमओपी और मिश्रित उर्वरकों सहित प्रमुख खादों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। किसानों की मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त अभियान जारी

सरकार ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्य सरकारों के साथ मिलकर खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, निम्न गुणवत्ता और अवैध आपूर्ति जैसे मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है। राज्यों द्वारा की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी की जा रही है ताकि किसानों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद पहुंच सके।

उत्तर प्रदेश में हजारों छापेमारी, कई लाइसेंस निरस्त

सरकार के अनुसार अप्रैल 2026 से 17 जुलाई 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में उर्वरकों से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ 9,687 छापेमारी की गई। इस दौरान 1,083 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 548 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए तथा 38 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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