मंडी भाव

कम आवक के बावजूद प्याज कीमतों में तेजी नहीं, किसान चिंतित

Low arrivals of onion

नई दिल्ली: प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में गुरुवार को प्याज की आवक कुल मिलाकर सुस्त बनी रही, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में वह तेजी देखने को नहीं मिली, जिसकी किसानों को उम्मीद थी। कम आवक के बाद भी अधिकतर मंडियों में भाव दबाव में रहे, जिससे उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि कुछ चुनिंदा मंडियों में अच्छी क्वालिटी के प्याज को बेहतर दाम मिले, लेकिन औसत स्तर पर बाजार कमजोर ही नजर आया।

मध्य प्रदेश की मंडियों में प्याज का हाल

मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां आवक का दबाव कुछ सीमित मंडियों तक ही रहा। शाजापुर और देवरी जैसी मंडियों में आवक अपेक्षाकृत ठीक रही, लेकिन भाव निचले स्तर पर बने रहे। अधिकांश मंडियों में औसत कीमतें 700 से 1100 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में सिमटी रहीं। शाजापुर एपीएमसी में सबसे ज्यादा 197.20 मीट्रिक टन की आवक दर्ज की गई, जबकि देवास जिले की देवरी एपीएमसी में 56.75 मीट्रिक टन प्याज पहुंचा। इसके अलावा सारंगपुर, मुरैना, उज्जैन, रतलाम, सागर, बड़वानी और धार की मंडियों में मिलाकर मध्यम स्तर की आवक रही। सभी मंडियों को मिलाकर प्रदेश में कुल आवक लगभग 294.90 मीट्रिक टन रही।

महाराष्ट्र की मंडियों में बना रहा दबाव

महाराष्ट्र में भी बाजार की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं रही। देश की बड़ी मंडियों में गिनी जाने वाली पिंपलगांव और वाशी न्यू मुंबई एपीएमसी में भारी आवक दर्ज की गई, लेकिन दामों पर दबाव बना रहा। पिंपलगांव एपीएमसी में करीब 2100 मीट्रिक टन और वाशी न्यू मुंबई एपीएमसी में 1046.40 मीट्रिक टन प्याज की आवक हुई। पुणे (मोशी) एपीएमसी में 123.10 मीट्रिक टन और खेड़-चाकण एपीएमसी में 25 मीट्रिक टन प्याज पहुंचा। कुछ मंडियों में न्यूनतम भाव काफी नीचे दर्ज किए गए, जबकि ऊंचे दाम सिर्फ अच्छी क्वालिटी के प्याज तक सीमित रहे।

कर्नाटक में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति

कर्नाटक में स्थिति अन्य राज्यों से थोड़ी बेहतर नजर आई। यहां बहुत कम मंडियों में ही प्याज की आवक दर्ज की गई, जिससे कीमतों को सहारा मिला। बीजापुर एपीएमसी में न्यूनतम भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1800 रुपये और औसत 1000 रुपये प्रति क्विंटल रहा। बंगारपेट एपीएमसी में न्यूनतम भाव 1700 रुपये, अधिकतम 2500 रुपये और औसत 2300 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं शिमोगा एपीएमसी में न्यूनतम भाव 2000 रुपये, अधिकतम 3000 रुपये और औसत 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

आगे क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में आवक और मांग की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। यदि आवक और घटती है तो कीमतों में सुधार की संभावना बन सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में सुस्ती और दबाव का माहौल बना हुआ है, जिससे किसानों को उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिल पा रही है।

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