कृषि समाचार

हिमाचल प्रदेश बजट 2026-27 में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

Himachal Pradesh Budget 2026-27

शिमला: हिमाचल प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने कार्यकाल का चौथा और महत्वपूर्ण बजट (हिमाचल प्रदेश बजट 2026-27) प्रस्तुत किया। शनिवार को विधानसभा में 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए उन्होंने कृषि, ग्रामीण विकास, पशुपालन और महिलाओं पर विशेष बल दिया। बजट में नई योजनाओं के साथ पहले से चल रही अनेक योजनाओं का विस्तार भी प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा की।

दूध और ऊन की कीमतों में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए दूध के मूल्य में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। अब गाय का दूध 51 रुपये से बढ़कर 61 रुपये और भैंस का दूध 61 रुपये से बढ़कर 71 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
चरवाहा समुदाय को राहत देने के लिए ‘पहल’ योजना शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत गद्दी, गुर्जर और किन्नौरा समुदाय के 40,000 परिवारों को डिजिटल कार्ड, बीमा कवर और बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराए जाएंगे। ऊन की खरीद के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय की गई है।

कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

हिमाचल प्रदेश बजट 2026-27 के तहत राज्य में प्राकृतिक जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक उत्पादों की बिक्री हेतु विशेष विपणन योजना शुरू की गई है। सीएम ने बताया कि प्राकृतिक तरीके से उगाए जाने वाले गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये, मक्का का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। साथ ही अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

बागवानी के लिए विशेष प्रोत्साहन

प्रदेश में बागवानी को नए स्तर पर पहुंचाने के लिए उच्च उपज वाले फलदार पौधों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। इसी उद्देश्य से 5 लाख ग्राफ्टेड फलदार पौधे किसानों को प्रदान किए जाएंगे। शिव परियोजना के तहत 325 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है, जिससे कार्बन क्रेडिट अर्जित कर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

पोल्ट्री और मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा

उड़ान योजना के तहत पीपीपी मोड में पोल्ट्री फार्मों के विकास का प्रस्ताव रखा गया है। प्रत्येक पोल्ट्री यूनिट को भूमि मूल्य पर 30 प्रतिशत सब्सिडी और बैंक सहायता पर भी सब्सिडी दी जाएगी। मत्स्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री मछली सहायता योजना के तहत मछली खरीद का एमएसपी 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। 6,000 मछुआरा परिवारों को लाभ देने के लिए रॉयल्टी दर कम कर एक प्रतिशत कर दी गई है। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध अवधि के दौरान दो मॉनसून के लिए 3,500 रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। जाल खरीद पर 90 प्रतिशत, नावों पर 70 प्रतिशत तथा रेफ्रिजरेशन वैन खरीद पर भी सब्सिडी दी जाएगी।

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