लखनऊ: रबी विपणन सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए यूपी में गेहूं की खरीद की तैयारियों को सरकार ने तेज कर दिया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
48 घंटे में भुगतान का निर्देश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही क्रय केंद्रों पर तौल की समयबद्ध व्यवस्था, पर्याप्त बोरों की उपलब्धता और मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मोबाइल क्रय केंद्रों से मिलेगी सुविधा
सरकार ने स्थायी क्रय केंद्रों के साथ-साथ मोबाइल क्रय केंद्रों की भी व्यवस्था की है, ताकि दूरदराज के किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी हो। इससे उन किसानों को विशेष लाभ मिलेगा, जो केंद्रों से दूर रहते हैं।
बढ़े एमएसपी से अधिक खरीद की संभावना
इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों में उत्साह बढ़ा है। अनुमान है कि इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक अधिक रहेगी।
हजारों क्रय केंद्रों की तैयारी
यूपी में गेहूं की खरीद के लिए लगभग 5,000 प्रस्तावित क्रय केंद्रों में से 4,990 को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा 504 मोबाइल क्रय केंद्र भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे कुल केंद्रों की संख्या 5,494 हो गई है।
किसानों के लिए अन्य योजनाएं भी सक्रिय
बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित एक पेंशन योजना का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत निर्धारित आयु के बाद मासिक पेंशन की सुविधा दी जाती है। सरकार का उद्देश्य किसानों और श्रमिकों दोनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
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