लखनऊ: योगी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि उत्तर प्रदेश दलहन उत्पादन के मामले में देश के शीर्ष दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। वर्ष 2024-25 में 30.82 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के साथ देश में चौथे स्थान पर रहा है। भारत के कुल 256.83 लाख मीट्रिक टन दलहन उत्पादन में प्रदेश का योगदान लगभग 12 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में दलहनी फसलों की औसत उत्पादकता 12.01 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जो राष्ट्रीय औसत 9.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से काफी अधिक है। कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 25.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में दलहनी फसलों की बुवाई की गई थी, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 30.77 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर जोर
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत उन्नत और प्रमाणित बीजों के वितरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 1,05,642 कुंतल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। राज्य सरकार की निःशुल्क बीज मिनीकिट योजना के तहत 12,413 कुंतल बीज वितरित कर 92,517 किसानों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 17,297 कुंतल बीज मिनीकिट से 2,04,693 किसान लाभान्वित हुए हैं।
दलहन खरीद और अंतःफसली खेती को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने बताया कि दलहन खरीद के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश दलहन उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 75.85 हजार मीट्रिक टन दलहन की खरीद की गई। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए गन्ने के साथ अंतःफसली खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एक ही खेत से अतिरिक्त आमदनी सुनिश्चित हो सके।
उर्द और मूंग की खेती पर विशेष कार्यक्रम
वर्ष 2025-26 के रबी सीजन में 40,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की खेती तथा जायद सीजन में 1,00,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उर्द और मूंग की खेती के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जायद 2026 में 20,000 कुंतल उर्द और मूंग के प्रमाणित बीज अनुदान पर किसानों को वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
125 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया है। उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा मजबूत करने और दलहन आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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