मंडी भाव

प्याज के दाम 51 प्रतिशत बढ़े, किसानों को मिला बेहतर भाव

Onion prices rose by 51 percent

नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026: देश की कृषि मंडियों में प्याज की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एगमार्कनेट के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में प्याज का औसत थोक भाव बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 1,328.49 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 51.5 प्रतिशत अधिक है। प्रमुख सब्जियों में प्याज की कीमतों ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने लगे हैं और बाजार में इसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

एक साल में कीमतों में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी

पिछले एक वर्ष के दौरान प्याज के थोक भाव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जुलाई 2025 में जहां औसत थोक मूल्य 1,328.49 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बाजार में मांग और कीमत दोनों मजबूत बनी हुई हैं।

दो वर्ष पहले के उच्च स्तर से अभी भी नीचे

हालांकि मौजूदा कीमतें मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन जुलाई 2024 में दर्ज 2,658.87 रुपये प्रति क्विंटल के उच्च स्तर से अभी भी नीचे हैं। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में सुधार तो हुआ है, लेकिन दो वर्ष पहले जैसी असाधारण तेजी अभी नहीं लौटी है। वहीं जुलाई 2023 की तुलना में वर्तमान भाव लगभग 65.55 प्रतिशत अधिक हैं, जिससे पिछले कुछ वर्षों में प्याज बाजार में आए उतार-चढ़ाव का स्पष्ट संकेत मिलता है।

मासिक आधार पर भी जारी है तेजी

जून के अंत से प्याज की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। 26 जून 2026 को औसत थोक भाव 1,844.85 रुपये प्रति क्विंटल था, जो एक महीने के भीतर बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। इस दौरान कीमतों में लगभग 9.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।

साप्ताहिक बढ़त की रफ्तार हुई धीमी

हाल के सप्ताहों में कीमतों में वृद्धि जारी रहने के बावजूद तेजी की गति कुछ धीमी हुई है। 19 जुलाई 2026 को औसत थोक भाव 1,989.24 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 26 जुलाई तक बढ़कर 2,012.69 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा। इस अवधि में कीमतों में लगभग 1.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में मजबूती कायम है, लेकिन तेजी अब संतुलित होती दिखाई दे रही है।

उत्पादन और आपूर्ति का रहता है सीधा असर

विशेषज्ञों के अनुसार प्याज का बाजार उत्पादन, भंडारण, मौसम और आपूर्ति जैसी परिस्थितियों से सबसे अधिक प्रभावित होता है। पिछले तीन वर्षों के दौरान भी इन्हीं कारणों से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बेहतर मांग और नियंत्रित आपूर्ति के कारण फिलहाल बाजार में मजबूती बनी हुई है।

आने वाले सप्ताहों में इन बातों पर रहेगी नजर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर कीमतें मिल रही हैं। हालांकि आगे की स्थिति नई फसल की आवक, भंडारण की उपलब्धता, बाजार में मांग और मॉनसूनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि आपूर्ति नियंत्रित रहती है और मांग मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले समय में भी प्याज की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है।

ये भी पढ़ें: बिहार में फिर शुरू होंगी चीनी मिलें, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

Related posts

Leave a Comment