मंडी भाव

यूपी, एमपी और महाराष्ट्र की मंडियों में आज गेहूं का भाव

गेहूं का भाव

देश में इस साल गेहूं का रिकॉर्ड बंपर उत्पादन हुआ है और अभी भी कई राज्यों की मंडियों में इसकी आवक जारी है। खासकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आमद और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। वहीं महाराष्ट्र की कुछ मंडियों में गेहूं का भाव तेजी से बढ़ते हुए नजर आया है। पुणे मंडी में तो गेहूं का दाम ₹5200 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जिसने किसानों और व्यापारियों दोनों का ध्यान खींचा है। आइए जानते हैं 9 सितंबर को तीनों राज्यों की प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव क्या रहा।

मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं का भाव

मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी में मिल क्वालिटी FAQ ग्रेड गेहूं का भाव ₹1800 से ₹3097 प्रति क्विंटल के बीच रहा, जबकि मॉडल कीमत ₹2600 रही। वहीं इंदौर मंडी में ही एक अन्य FAQ ग्रेड गेहूं का मॉडल भाव ₹2720 रुपये दर्ज किया गया। अलीराजपुर, मुरैना, खरगोन, खंडवा और उज्जैन सहित कई मंडियों में गेहूं की कीमतें ₹2291 से ₹2891 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गईं।

महाराष्ट्र की मंडियों में गेहूं का भाव

महाराष्ट्र की मंडियों में इस बार गेहूं की कीमतों ने किसानों को राहत दी है। अमरावती मंडी में गेहूं का मॉडल भाव ₹2900 रुपये रहा, जबकि जलगांव, बीड़ और छत्रपति संभाजीनगर मंडियों में कीमतें ₹2600 रुपये के करीब रहीं। धुले और ठाणे की मंडियों में भी गेहूं का भाव ₹2650 से ₹3000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा। वहीं, पुणे मंडी में शरबती किस्म का गेहूं ₹4500 से ₹5200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा भाव है।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं का भाव

उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं का भाव अपेक्षाकृत स्थिर रहा। औरैया मंडी में गेहूं का मॉडल भाव ₹2585 रुपये दर्ज हुआ, जबकि बलरामपुर, चंदौली और अमरोहा मंडियों में कीमतें ₹2500 से ₹2560 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं। सीतापुर, लखीमपुर और शाहजहांपुर मंडियों में दाम ₹2460 से ₹2540 रुपये तक रहे।

किसानों और व्यापारियों के लिए अहम संकेत

इस साल गेहूं के बंपर उत्पादन के बावजूद मंडियों में लगातार आवक हो रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में दाम स्थिर बने हुए हैं, जबकि महाराष्ट्र की कुछ मंडियों में गेहूं का भाव तेजी से ऊपर गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आपूर्ति और निर्यात नीतियों के हिसाब से गेहूं के दाम में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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