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9 जुलाई को यूपी में रचा जाएगा हरियाली का इतिहास, योगी सरकार लगाएगी 37 करोड़ पौधे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश एक बार फिर हरियाली की दिशा में इतिहास रचने की तैयारी में है। पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत 9 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार ने 37 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस विशेष दिन को प्रदेश के पर्यावरण इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराने की योजना है। न केवल नये वनों की स्थापना होगी, बल्कि पहली बार पूरे प्रदेश की गोशालाओं में ‘गोपाल वन’ भी स्थापित किए जाएंगे।

हर गोशाला में हरे भरे गोपाल वन की स्थापना

राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि गोपाल वन प्रत्येक गोशाला परिसर में स्थापित किया जाए, जहां छायादार और चारा देने वाली प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य गोशालाओं में रहने वाले गोवंशों को बेहतर छाया और पोषण देना है। खास बात यह है कि इस मुहिम में संत समाज और गोपालक समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी का निर्णय लिया है। 6613 ग्रामीण गोआश्रय स्थलों, 387 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों, 305 कांजी हाउस और 303 शहरी कान्हा गोशालाओं समेत कुल 7608 स्थलों पर गोपाल वन बनाए जाएंगे। इनमें पूरे वर्ष पौधरोपण किया जाएगा और इनके संरक्षण की ठोस व्यवस्था भी की जाएगी।

गौसेवा से जुड़ी श्रीकृष्ण की परंपरा से प्रेरितगोपाल वन’

‘गोपाल’ यानी गायों के रक्षक और सेवक। यह संकल्प भगवान श्रीकृष्ण की परंपरा से प्रेरित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि गायें निस्वार्थ सेवा देती हैं, और उनकी सेवा भी उसी भावना से होनी चाहिए। गोशालाओं में हरियाली लाकर, उन्हें छाया और चारे की पर्याप्त व्यवस्था देना इस नीति की मूल भावना है। पौधरोपण महाभियान-2025 के तहत सभी वन विभागीय प्रभागों को आदेश जारी किए गए हैं कि वे प्रत्येक गोशाला में गोपाल वन स्थापित करें और उनकी सुरक्षा और देखरेख की पर्याप्त व्यवस्था करें।

गौसेवा आयोग भी हुआ सक्रिय

इस अभियान में उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग ने भी भागीदारी सुनिश्चित कर ली है। आयोग ने दो दिन पूर्व ऑनलाइन बैठक कर इस पर रणनीति तय की। गोशालाओं में पीपल, पाकड़, बरगद और सहजन जैसे पौधों को लगाने पर विशेष जोर दिया गया है। ये पौधे न केवल छाया देते हैं, बल्कि कई प्रकार से पोषक और उपयोगी भी हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पौधरोपण केवल एक दिन का नहीं, बल्कि पूरे वर्ष चलने वाला अभियान होगा, जिसमें पौधों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

योगी सरकार की वन नीति: हरियाली से विकास की ओर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरियाली नीति उत्तर प्रदेश को न केवल पर्यावरणीय रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी का भी एक आदर्श उदाहरण बन चुकी है। एक समय था जब राज्य में 5 करोड़ पौधे लगाना भी चुनौती थी, लेकिन अब सरकार ने 52.43 करोड़ पौधों की नर्सरी तैयार की है, जिसमें से 37 करोड़ पौधे 9 जुलाई को रोपे जाएंगे। योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक 204.92 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जिससे राज्य पर्यावरणीय क्षेत्र में देश का दूसरा सबसे हरा-भरा राज्य बन चुका है। इस बढ़ती हरियाली ने न केवल हवा की गुणवत्ता सुधारी है, बल्कि पशुधन की देखरेख और ग्रामीण आर्थिकी को भी मजबूत किया है।

हर गोशाला बनेगी हरियाली की मिसाल

‘गोपाल वन’ योजना के तहत प्रत्येक गोशाला को हरियाली और पोषण का केंद्र बनाया जाएगा। सरकार ने निजी गोपालकों से भी अपील की है कि वे भी पौधरोपण में भाग लें और इस अभियान का हिस्सा बनें। 9 जुलाई को पूरे प्रदेश में एक साथ पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गोशाला में वृक्षारोपण किया जाएगा और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन व गोशाला समिति की होगी। उत्तर प्रदेश एक बार फिर साबित करने जा रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीतियों से नहीं, दृढ़ संकल्प और समर्पण से संभव है। पौधरोपण महाभियान-2025 और ‘गोपाल वन’ की संकल्पना न केवल हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि गोवंश कल्याण, जनभागीदारी और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बनेगी। 9 जुलाई को योगी सरकार का यह अभियान हर गोशाला को एक हरित मंदिर में बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।

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