नई दिल्ली: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की बैठक में किसानों के हित में कुछ सकारात्मक फैसले किए गए हैं। मसलन, आने वाले समय में कृषि उत्पादों के निर्यात में बागवानी उपज की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए बागवानी खेती की राह में आड़े आने वाले नियमों में सुधार भी किया जाएगा। इसमें सबसे पहले बागवानी से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए निर्धारित समय सीमा आठ महीने को घटाकर मात्र 45 दिन किया जाएगा। इस बैठक में बागवानी बोर्ड की सबसे बड़ी समस्या गुणवत्ता वाले पौध की नर्सरी तैयार करने पर चर्चा के बाद इसके लिए 2100 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी गई। साथ ही किसानों को बागवानी परियोजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया सरल बनाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
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Krishi Pitaara
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