कृषि समाचार

नेफेड ने शुरू किया नया पोर्टल, किसानों को मिलेगा सीधा बाजार

NAFEX portal India

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के ई-नीलामी पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और संस्था के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस पहल को सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

चार नई पहलें होंगी गेम बदलने वाली

कार्यक्रम में अमित शाह ने बताया कि संस्था द्वारा चार प्रमुख पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें नया ई-नीलामी मंच, दृष्टि, संसाधन प्रबंधन प्रणाली और कल्याण योजना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और बाजार तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

74 लाख से अधिक किसानों को लाभ

अमित शाह ने कहा कि एक समय संस्था बंद होने की स्थिति में थी, लेकिन सुधार और पारदर्शिता के कारण आज यह 30 हजार करोड़ रुपये के कारोबार और 500 करोड़ रुपये के लाभ के साथ 74 लाख से अधिक किसानों की सेवा कर रही है। उन्होंने दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों से सीधी खरीद बढ़ाने पर जोर दिया।

गांव स्तर तक पहुंचेगी खरीद व्यवस्था

उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में दलहन, मक्का और अन्य फसलों की सीधी खरीद के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया है। अब लक्ष्य इस व्यवस्था को गांव स्तर तक पहुंचाना है, ताकि किसान सीधे अपनी उपज बेच सकें और भुगतान सीधे उनके खातों में पहुंचे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।

जैविक खेती और व्यापार में विस्तार

अमित शाह ने कहा कि संस्था अब केवल खरीद तक सीमित नहीं रही है, बल्कि जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा व्यापार, जैव उर्वरक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि संस्था का कारोबार 20 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये हो गया है और इसे आगे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना

किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि संस्था अपने लाभ का एक प्रतिशत हिस्सा किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति के रूप में देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा में मदद मिलेगी। यह नई पहलें सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

ये भी पढ़ें: यूपी में गन्ने पर कीटों का खतरा, वैज्ञानिकों ने जारी की सलाह

Related posts

Leave a Comment