कृषि समाचार

बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Strict action against fertilizer black marketing in Bihar

पटना: खरीफ मौसम की खेती अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही किसानों के लिए उर्वरकों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में बिहार सरकार ने किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि उर्वरकों की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी, जमाखोरी या किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो केवल खुदरा विक्रेता ही नहीं, बल्कि संबंधित थोक विक्रेता, कंपनियां और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खाद कालाबाजारी पर अपनाई जाएगी शून्य सहनशीलता की नीति

कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, टैगिंग और किसानों के साथ होने वाली किसी भी अनियमितता के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय होता है तो दोषी व्यक्ति, संबंधित प्रतिष्ठान या जिम्मेदार अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने सभी 38 जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं का शत-प्रतिशत निरीक्षण पूरा किया जाए। इसके साथ ही नियमित रूप से जांच अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो रही है।

खाद की दुकानों पर होगी सख्त निगरानी

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी खाद विक्रेता द्वारा खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने की अनिवार्यता लागू की जाती है या टैगिंग की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना के दुकान बंद मिलने पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा सभी जिलों में खाद के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नकली और अमानक उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सभी शिकायतों की जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मुख्यालय को भेजना भी अनिवार्य किया गया है।

राज्य में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक

कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ मौसम के लिए राज्य में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में राज्य में लगभग 4.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.35 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.69 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.30 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।

किसानों को समय पर मिलेगा निर्धारित मूल्य पर खाद

कृषि विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उर्वरकों का संतुलित और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ मौसम के अंतिम चरण में किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हो।

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