खेती-किसानी

अगस्त में फलदार बाग लगाने से पहले अपनाएं ये 10 जरूरी उपाय

fruit orchard

पटना: बरसात का मौसम किसानों के लिए केवल अच्छी वर्षा ही नहीं, बल्कि नए फलदार बाग लगाने का सबसे उपयुक्त समय भी माना जाता है। विशेष रूप से अगस्त का महीना आम, अमरूद, लीची, नींबू और अन्य फलदार पौधों की रोपाई के लिए अनुकूल रहता है। इस दौरान पर्याप्त नमी होने से पौधे तेजी से विकसित होते हैं और उनकी जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कृषि विभाग ने किसानों के लिए फलदार पौधों की खरीद, रोपाई और देखभाल से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण सलाह जारी की हैं, जिनका पालन कर किसान भविष्य में बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रमाणित पौधों का चयन और समय पर खरीद है सबसे जरूरी

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि नया बाग लगाने के लिए हमेशा सरकारी या प्रमाणित पौधशालाओं से ही पौधे खरीदें। प्रमाणित पौधे रोगमुक्त और बेहतर गुणवत्ता वाले होते हैं, जिससे भविष्य में उत्पादन अच्छा मिलता है। पौधे खरीदते समय यह भी सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह स्वस्थ, हरे-भरे और मजबूत हों। सूखे, पीले या कीटों से प्रभावित पौधों का चयन करने से बचना चाहिए। यदि बड़े स्तर पर बाग लगाने की योजना है तो पौधों की अग्रिम बुकिंग कर लेना बेहतर रहेगा। इससे रोपाई के समय मनचाही किस्म के पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और किसी प्रकार की देरी नहीं होती।

पौधों की जड़ों और परिवहन पर भी दें विशेष ध्यान

पौधों की खरीद के समय उनकी जड़ों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। जड़ों के साथ लगी मिट्टी मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि टूटी हुई मिट्टी के साथ पौधों के जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है। खेत तक पौधों को ले जाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि जड़ों या मिट्टी को नुकसान न पहुंचे। तेज धूप और गर्म हवा से पौधों की सुरक्षा करना भी आवश्यक है।

अगस्त में रोपाई से मिलते हैं बेहतर परिणाम

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त का महीना फलदार पौधों की रोपाई के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस समय पर्याप्त वर्षा होने से पौधों की जड़ें जल्दी जम जाती हैं और उनकी बढ़वार तेज होती है। यदि सिंचाई की उचित व्यवस्था उपलब्ध हो तो बसंत ऋतु में भी पौधारोपण किया जा सकता है।

जलभराव वाली भूमि से करें परहेज

जहां पानी निकासी की व्यवस्था अच्छी नहीं है, वहां नींबू वर्गीय फल, पपीता और केला जैसे पौधे लगाने से बचना चाहिए। अधिक समय तक पानी भरे रहने से इन पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं, जिससे पूरा बाग प्रभावित हो सकता है।

सही रोपाई से मिलेगा बेहतर उत्पादन

फलदार पौधे लगाने से पहले गड्ढों को उपजाऊ मिट्टी और अच्छी सड़ी हुई खाद से भरना चाहिए। गड्ढे की सतह जमीन से थोड़ी ऊंची रखने से वर्षा का पानी पौधे के आसपास जमा नहीं होता और जड़ों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

पौधे को उचित गहराई पर लगाना है जरूरी

रोपाई के समय पौधे को उसी गहराई तक लगाना चाहिए, जितनी गहराई पर वह पौधशाला में लगा था। बहुत अधिक गहराई या बहुत ऊपर रोपाई करने से पौधे की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें और आवश्यकता पड़ने पर पौधे को सहारा भी दें। कृषि विभाग का कहना है कि इन सरल उपायों को अपनाकर किसान अपने फलदार बाग की मजबूत शुरुआत कर सकते हैं और आने वाले वर्षों में बेहतर उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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