मंडी भाव

गेहूं का मंडी भाव: MP और UP में MSP से ऊपर, लेकिन अस्थिरता बरकरार

market price of wheat

भोपाल/लखनऊ: प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान गेहूं का मंडी भाव अस्थिर बना हुआ है। विभिन्न मंडियों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। 28 जनवरी को जारी मंडी आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर मंडियों में गेहूं की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2425 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर दर्ज की गईं, लेकिन कुछ स्थानों पर भाव में गिरावट भी देखने को मिली। दोनों राज्यों की मंडियों का ट्रेंड एक जैसा नहीं रहा और अलग-अलग इलाकों में कीमतों में बड़ा अंतर साफ दिखाई दिया।

मध्य प्रदेश की मंडियों में मिला-जुला रुख

मध्य प्रदेश की अधिकतर मंडियों में गेहूं के औसत भाव 2450 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रहे। इंदौर, धार, कटनी और देवास जैसी प्रमुख मंडियों में औसत कीमतें 2550 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज की गईं, जो एमएसपी से अच्छी खासी ऊपर हैं। हालांकि राज्य की कुछ मंडियों में कीमतें अपेक्षाकृत कमजोर भी रहीं। औबेदुल्लागंज, उमरिया और चंदेरी जैसी मंडियों में गेहूं का भाव 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के करीब रहा, जो एमएसपी के आसपास या उससे थोड़ा नीचे है। वहीं बिछिया मंडी में मिल क्वालिटी गेहूं का भाव 3900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे ऊंचा स्तर रहा और असाधारण तेजी को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में कीमतें ज्यादा मजबूत

उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं की कीमतों में तुलनात्मक रूप से ज्यादा मजबूती देखने को मिली। अधिकांश मंडियों में औसत भाव 2500 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए। प्रतापगढ़, कोसीकलां, नवाबगंज और हरदोई जैसी बड़ी मंडियों में औसत कीमतें 2580 से 2615 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं, यानी एमएसपी से करीब 150 से 190 रुपये अधिक। कुछ मंडियों में आवक सीमित रहने के बावजूद कीमतें मजबूत बनी रहीं। हालांकि जलालाबाद, नानपारा और माधोगढ़ जैसी मंडियों में औसत भाव 2450 से 2480 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किए गए, जो एमएसपी से थोड़ा ही ऊपर हैं।

आवक और गुणवत्ता से तय हो रहा बाजार

विशेषज्ञों के मुताबिक मंडियों में भाव का यह उतार-चढ़ाव आवक, गेहूं की गुणवत्ता और स्थानीय मांग पर निर्भर है। जहां बेहतर क्वालिटी और सीमित आवक है, वहां कीमतें एमएसपी से काफी ऊपर बनी हुई हैं। वहीं जिन इलाकों में आवक ज्यादा या क्वालिटी कमजोर है, वहां भाव पर दबाव देखने को मिल रहा है।

आगे क्या संकेत

मंडी जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे नई फसल की आवक बढ़ेगी, कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं के दाम अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश में बाजार ज्यादा बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

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