नरसिंहपुर: ईरान-इजरायल तनाव की खबरों का असर अब हजारों किलोमीटर दूर भारत के ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में संभावित संकट की आशंका के चलते किसानों के बीच पेट्रोल और डीजल की कमी का डर फैल रहा है। इसी आशंका के कारण गाडरवारा और सालीचौका क्षेत्र में कई किसान बड़ी मात्रा में डीजल का भंडारण करते नजर आ रहे हैं। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
ड्रम और बड़ी टंकियों में भरवा रहे डीजल
ईरान-इजरायल तनाव के मद्देनज़र नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा इलाके के कई पेट्रोल पंपों पर इन दिनों असामान्य भीड़ देखी जा रही है। यहां लोग केवल अपनी गाड़ियों में ईंधन भरवाने नहीं आ रहे, बल्कि ड्रम, कुप्पे और बड़ी टंकियों में डीजल भरवाकर घर ले जा रहे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध लंबे समय तक चलता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो सकती है और आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर खेती-किसानी और आम जनजीवन पर पड़ सकता है। इसी डर के चलते बड़ी संख्या में किसान पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं और भविष्य की जरूरत को देखते हुए डीजल का भंडारण कर रहे हैं।
खेती के लिए डीजल सबसे जरूरी
किसानों का कहना है कि खेती के अधिकांश काम डीजल पर निर्भर होते हैं। ट्रैक्टर, पानी के पंप और अन्य कृषि यंत्रों के संचालन के लिए डीजल बेहद जरूरी है। अगर इसकी आपूर्ति में थोड़ी भी कमी आती है तो खेतों का काम रुक सकता है। इसी कारण कई किसान अभी से डीजल जमा करने में लग गए हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
डीलर्स ने बताया डर बेवजह
हालांकि पेट्रोल पंप संचालक किसानों की इस चिंता को बेवजह बता रहे हैं। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स संघ के सदस्य अजय शर्मा का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल पंप संचालकों और पेट्रोलियम कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और सामान्य तरीके से ईंधन की आपूर्ति जारी है। संघ के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध एक महीने या उससे अधिक समय तक लंबा खिंचता है, तभी ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
तेल की कीमतों को लेकर बनी रहती है आशंका
दरअसल भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है और इसका महत्वपूर्ण भाग मध्य पूर्व के देशों से आता है। इसी कारण जब भी उस क्षेत्र में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है तो तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ जाती हैं। फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव की खबरों ने लोगों के मन में चिंता जरूर पैदा कर दी है।
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