चंडीगढ़: पंजाब में हाइब्रिड धान के बीजों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राज्य सरकार जहां इन बीजों को निरस्त करने की मांग कर रही है, वहीं केंद्र सरकार इस पर फिलहाल सहमत नजर नहीं आ रही है। जानकारी के अनुसार 2015 के बाद जारी की गई 23 हाइब्रिड धान किस्मों की गुणवत्ता तय मानकों से बेहतर पाई गई है, जिसके चलते केंद्र सरकार इन बीजों को निरस्त करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती।
गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी किस्में
नियमों के अनुसार धान की मिलिंग के दौरान कम से कम 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी और 55 प्रतिशत बिना टूटे दानों की रिकवरी अनिवार्य होती है। जांच में सामने आया है कि विवादित हाइब्रिड किस्में इन मानकों पर खरी उतरी हैं। यही वजह है कि केंद्र सरकार इन बीजों को निरस्त करने के पक्ष में फिलहाल नहीं है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
पंजाब सरकार की मांग और कानूनी पहलू
पंजाब सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर सभी हाइब्रिड गैर बासमती धान किस्मों को निरस्त करने की मांग की है। राज्य सरकार का उद्देश्य इन बीजों की बिक्री पर कानूनी रूप से रोक लगाना है। गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले ही इन बीजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा चुकी थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस निर्णय को रद्द कर दिया था और कहा था कि मंजूरी प्राप्त बीजों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
गैर स्वीकृत बीजों पर ही लग सकती है रोक
अदालत ने स्पष्ट किया था कि केवल उन बीजों की बिक्री रोकी जा सकती है, जिनकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं है। इसी आधार पर अब राज्य सरकार इन बीजों को निरस्त कराने की दिशा में प्रयास कर रही है, ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई संभव हो सके।
विशेषज्ञों की राय और समाधान की कोशिश
सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्रालय को इस मामले में कृषि अनुसंधान परिषद के विशेषज्ञों की राय मिल चुकी है। अब केंद्र सरकार पंजाब सरकार के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। सरकार किसी भी कानूनी विवाद से बचने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
किसानों और मिल मालिकों के बीच असमंजस
पंजाब सरकार का तर्क है कि कुछ हाइब्रिड किस्मों से कम चावल प्राप्त होता है, जिससे मिल मालिकों को नुकसान होता है। इसी कारण कई मिल मालिक इन किस्मों को प्रोसेस करने से बच रहे हैं। वर्ष 2024 में इस मुद्दे को लेकर मिल मालिकों ने हड़ताल भी की थी, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।
ज्यादा पैदावार से किसानों का झुकाव
दूसरी ओर, किसान अधिक उत्पादन के कारण हाइब्रिड धान की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इन किस्मों से सामान्य धान की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक पैदावार मिलती है। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होने से किसानों को अपनी आय को लेकर भरोसा भी बना रहता है।
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