खेती-किसानी

सर्दियों में बागवानी करते समय न करें यह गलती, वरना खराब हो सकते हैं पौधे

Gardening in Winter

नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम बागवानी के शौकीनों और किसानों के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस दौरान न केवल सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं, बल्कि फूलों और सजावटी पौधों की रंगत और गुणवत्ता भी बेहतर होती है। गेंदा, गुलाब, पेटूनिया जैसे फूलों के साथ-साथ मटर, पालक, मेथी, गाजर और मूली जैसी सब्जियां ठंड के मौसम में अच्छा उत्पादन देती हैं। हालांकि, अगर सर्दियों में बागवानी के दौरान एक बड़ी चूक हो जाए, तो महीनों की मेहनत बेकार जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी देना सबसे बड़ी और आम गलती है, जो पौधों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

सर्दियों में पानी देने की गलती पड़ सकती है भारी

ठंड के मौसम में पौधों की वृद्धि की रफ्तार धीमी हो जाती है और मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा पानी देने पर पौधों की जड़ों में सड़न (रूट रॉट) की समस्या पैदा हो जाती है। कई बार पौधे ऊपर से हरे-भरे नजर आते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर जड़ें खराब हो चुकी होती हैं। ज्यादा पानी से मिट्टी में हवा का संचार रुक जाता है, जिससे जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसका असर यह होता है कि पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, पौधे मुरझा जाते हैं और अंततः सूख सकते हैं। खासतौर पर गमलों में लगे पौधों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि वहां पानी निकासी की व्यवस्था सीमित होती है।

कब और कितना पानी देना है, ऐसे पहचानें

सर्दियों में पौधों को पानी देने से पहले मिट्टी की जांच करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तभी पानी दें, जब मिट्टी की ऊपरी सतह पूरी तरह सूखी महसूस हो। उंगली से दो-तीन सेंटीमीटर तक मिट्टी को जांचना सबसे आसान तरीका है। अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी हल्का पानी दें। पानी देने का सबसे सही समय सुबह का होता है, ताकि दिन में धूप मिलने पर अतिरिक्त नमी सूख जाए। ठंड में पाले का खतरा भी रहता है, इसलिए ज्यादा पानी देने से पौधे पाले के प्रति और अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। पाले से बचाव के लिए पौधों को ढकना और सही जगह पर रखना ज्यादा कारगर उपाय माना जाता है।

खाद का इस्तेमाल भी सोच-समझकर करें

सर्दियों के मौसम में खाद का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी नुकसानदायक हो सकता है। अधिक पानी के साथ ज्यादा खाद देने से फंगस और जड़ सड़न की समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट की हल्की मात्रा ही पर्याप्त होती है। आमतौर पर हर 20 से 25 दिन में खाद देना सही माना जाता है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि पौधों को पर्याप्त धूप मिले। सुबह की हल्की धूप पौधों के लिए बेहद फायदेमंद होती है और मिट्टी में जमा अतिरिक्त नमी को सूखने में मदद करती है। गमलों को ऐसी जगह रखें, जहां कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप मिल सके।

सही देखभाल से मिलेगी बेहतर बढ़वार

बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में कम पानी, सीमित खाद और पर्याप्त धूप—यही स्वस्थ पौधों की सबसे बड़ी कुंजी है। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो न सिर्फ पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं, बल्कि फूल और सब्जियों की पैदावार भी बेहतर होती है। सर्दियों की बागवानी में यह छोटी-सी सावधानी अपनाकर आप अपने पौधों को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं और शानदार परिणाम पा सकते हैं।

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