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बिहार में फार्मर रजिस्ट्री मिशन मोड में, 2 से 6 फरवरी तक विशेष अभियान

Farmer Registry in Bihar

पटना: देशभर में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर चल रहे अभियान के बीच बिहार सरकार एग्रीस्टैक परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने में जुट गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि राज्य में 2 फरवरी से 6 फरवरी तक मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जा सके।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि फार्मर रजिस्ट्री में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि बिहार में फार्मर रजिस्ट्री के तहत अब तक करीब 29 लाख 55 हजार से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। इसके साथ ही लगभग 67 लाख किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। वहीं, राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल करीब 75 लाख लाभार्थी हैं, जिन्हें फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को मिलेगा इनाम

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि एग्रीस्टैक परियोजना में तेजी लाना जरूरी है, ताकि राज्य जल्द इसके दूसरे चरण में प्रवेश कर सके। उन्होंने बताया कि जो जिले पीएम किसान योजना से लाभान्वित किसानों के 50 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य पूरा करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके अलावा जिन जिलों के लिए 35 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, अगर वे यह लक्ष्य हासिल करते हैं, तो उन्हें 50 हजार रुपये की राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।

किसानों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

पटना में हुई बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले कॉमन सर्विस सेंटर और वसुधा केंद्रों के माध्यम से लिए जाने वाले 15 रुपये के सेवा शुल्क को अब समाप्त कर दिया गया है। इस राशि का वहन संबंधित विभाग करेगा, ताकि किसानों को सीधे तौर पर राहत मिल सके। मुख्य सचिव ने वैशाली, शिवहर, बेगूसराय, बक्सर, शेखपुरा और कटिहार जिलों में फार्मर रजिस्ट्री के क्षेत्र में किए गए बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को बधाई भी दी।

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को होंगे बड़े फायदे

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एक्शन मोड में रैयत किसानों की फार्मर आईडी तैयार कराएं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 28 जनवरी को नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में बिहार सरकार के फार्मर रजिस्ट्री अभियान की सराहना की गई।

बिहार में फार्मर रजिस्ट्रेशन को इस कार्यशाला में एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया और अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य सरकार का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री के पूर्ण होने से किसानों को भविष्य में योजनाओं का लाभ सीधे, बिना किसी बाधा और देरी के मिल सकेगा, जिससे कृषि व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

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