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बिहार में 19 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान, किसानों को मिलेगी राहत

Heavy rain forecast in Bihar till August 19

पटना: राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में पिछले दो से तीन दिनों से बादल छाए रहने के बावजूद बारिश की रफ्तार कम रही। मौसम विभाग ने 16 से 19 अगस्त के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी और कई स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था। इसी बीच 17 अगस्त को मौसम में बदलाव देखने को मिला और पटना में दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं धान की खेती कर रहे किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई।

दक्षिण और पश्चिमी बिहार में तेज बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त तक बिहार के सभी जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान दक्षिण और पश्चिमी बिहार में अच्छी बारिश हो सकती है। 17 और 18 अगस्त के दौरान दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं 19 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक रहने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान

17 और 18 अगस्त को रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 19 अगस्त को पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में भारी बारिश हो सकती है।

कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 17 अगस्त को विशेष रूप से कैमूर, गया, जमुई और नवादा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर खुले क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को मौसम खराब होने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

धान किसानों के लिए बारिश बनी राहत

बिहार में धान की रोपनी लगभग पूरी हो चुकी है। कैमूर, बक्सर, रोहतास और आसपास के जिलों में कई किसानों ने निजी नलकूप और नहरों के सहारे धान की रोपनी पूरी की है। हालांकि पिछले दिनों पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान के खेतों में रोगों का खतरा बढ़ने लगा था। कैमूर के किसान सुनील सिंह के अनुसार करीब 15 दिनों बाद हुई बारिश से धान की फसल को राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों करीब 40 प्रतिशत तक धान की फसल में रोगों का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में बारिश से फसल में फैल रहे रोगों पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि दो से तीन दिनों के अंतराल पर बारिश होती रही तो धान की फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। वहीं बारिश का लंबा अंतराल किसानों की चिंता बढ़ा सकता है।

किसानों को आगे भी बारिश का इंतजार

रोहतास जिले के किसान अर्जुन सिंह के मुताबिक कुछ दिन पहले बारिश हुई थी, लेकिन अब मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। किसानों को उम्मीद है कि शाम के समय बारिश होगी और धान के खेतों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त नमी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश फसल की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होती है तो धान किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मॉनसून गतिविधि से फसलों को मिल सकती है राहत

बिहार में इस समय धान की फसल खेतों में बढ़वार की अवस्था में है। ऐसे में बारिश का सही अंतराल फसल के लिए लाभकारी हो सकता है। पर्याप्त बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहेगी और किसानों को सिंचाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिल सकती है। हालांकि अत्यधिक बारिश भी कुछ क्षेत्रों में जलभराव और फसल नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखें और मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार कृषि कार्य करें। आने वाले तीन दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ऐसे में किसानों की नजर अब मॉनसून की सक्रियता और अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर टिकी हुई है।

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