खेती-किसानी

गर्मी बढ़ते ही जायद फसलों की देखभाल जरूरी, किसानों के लिए सलाह

zaid crops management

नई दिल्ली: अप्रैल के आखिरी सप्ताह में तापमान बढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं किसानों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण बन गया है। खासकर जायद फसलों पर गर्मी का सीधा असर पड़ रहा है, जिससे उनकी बढ़वार और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

जायद फसलों को बचाने के लिए अपनाएं जरूरी उपाय

जायद सीजन में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, लौकी, करेला, भिंडी, मूंग, सूरजमुखी और मक्का जैसी फसलें उगाई जाती हैं। इन फसलों को तेज गर्मी से बचाने के लिए समय पर देखभाल बेहद जरूरी है। सही तरीके अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं और अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

समय पर सिंचाई से मिलेगा लाभ

गर्मी के मौसम में खेतों की नमी तेजी से खत्म हो जाती है, इसलिए किसानों को सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इससे पौधों को पर्याप्त पानी मिलता है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है। दोपहर में सिंचाई करने से बचना चाहिए, क्योंकि तेज धूप में पानी जल्दी सूख जाता है।

मल्चिंग से बनी रहेगी नमी

मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग एक प्रभावी तरीका है। सूखी घास, पुआल या पत्तियों का उपयोग करके मिट्टी को ढकने से तापमान नियंत्रित रहता है और पानी की कमी नहीं होती। इससे खरपतवार भी कम उगते हैं और फसल को बेहतर वातावरण मिलता है।

संतुलित पोषण देना जरूरी

गर्मी के मौसम में फसलों को संतुलित पोषण देना बेहद जरूरी है। किसान गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट और अन्य जैविक खादों का उपयोग करें। अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पौधों को नुकसान हो सकता है। जरूरत के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव भी फायदेमंद रहता है।

कीट और रोगों पर रखें नजर

गर्मी के दौरान कीट और रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए किसानों को नियमित रूप से फसल की निगरानी करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की समस्या दिखने पर तुरंत उचित उपचार करना जरूरी है। जैविक उपायों और अनुशंसित दवाओं का ही इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसे में, बढ़ती गर्मी के बीच यदि किसान समय पर सिंचाई, पोषण और सुरक्षा के उपाय अपनाते हैं, तो जायद सीजन में भी अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है और नुकसान से बचा जा सकता है।

ये भी पढ़ें: हरियाणा के पोल्ट्री संचालकों को बड़ी राहत, विकास बोर्ड और योजना की तैयारी

Related posts

Leave a Comment