लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए ‘वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम’ (WINDS) योजना को तेजी से लागू करना शुरू कर दिया है। विंड्स का उद्देश्य मौसम संबंधी सटीक आंकड़ों के आधार पर फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को समय पर क्षतिपूर्ति दिलाना है।
मौसम डेटा से जुड़ेगा फसल बीमा तंत्र
सरकार के अनुसार इस योजना के तहत मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे बीमा पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में नुकसान का सही आकलन हो सके। इससे किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
बड़े स्तर पर मौसम उपकरणों की स्थापना
योजना के पहले चरण में राज्य में बड़ी संख्या में स्वचालित मौसम केंद्र और वर्षा मापक यंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर इन उपकरणों की स्थापना पूरी की जाए, ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके।
कई जिलों में कार्य हुआ पूरा
प्रदेश के कई जिलों में इस योजना के तहत उपकरणों की स्थापना का काम शुरू हो चुका है और कुछ स्थानों पर इसे पूरा भी कर लिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
आपदा प्रबंधन और कृषि सलाह में होगा उपयोग
विंड्स योजना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग आपदा प्रबंधन, कृषि सलाह और अन्य जनहितकारी योजनाओं में किया जाएगा। इससे किसानों को मौसम के अनुसार सही समय पर जानकारी और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
सरकार ने किया बड़ा बजट प्रावधान
योजना के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय संसाधनों का भी प्रबंध किया है। इसके तहत बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस तकनीक आधारित पहल से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई तेजी से मिल सकेगी और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ेगी।
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