नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत समेत कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। वर्तमान में सक्रिय प्रणाली के असर के बीच 7 और 8 अप्रैल को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम में और अधिक बदलाव देखने को मिलेगा।
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश और आंधी चलने की संभावना है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम का मिजाज
राजधानी क्षेत्र में 5 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और शाम के समय हल्की बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 6 अप्रैल को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, लेकिन हल्के बादल छाए रहेंगे। वहीं 7 अप्रैल को मौसम फिर से बिगड़ सकता है, जब दिन में दो बार हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में जारी रहेगा खराब मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 7 से 10 अप्रैल के बीच फिर से बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का असर रहेगा। राजस्थान में 6 और 7 अप्रैल को आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 5 से 9 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 8 अप्रैल के बीच बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों की तुरंत कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। ओलावृष्टि से बचाव के लिए बागवानी फसलों पर जाल या कवर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को अपने पशुओं को खुले में न छोड़कर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं मछुआरों को 4 से 9 अप्रैल के बीच समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। आम लोगों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने और बिजली से जुड़े उपकरणों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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