नई दिल्ली: खेती में बिजली की बढ़ती जरूरत और महंगे डीजल से राहत पाने के लिए अब बड़ी संख्या में किसान खेतों में सोलर पैनल लगवा रहे हैं. सिंचाई पंप, मोटर और अन्य कृषि उपकरणों के लिए सोलर एनर्जी किसानों के लिए एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प बन चुकी है. हालांकि सोलर पैनल से पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन मिले, इसके लिए उसकी नियमित और सही सफाई बेहद जरूरी होती है. विशेषज्ञों के अनुसार धूल, मिट्टी, पक्षियों की बीट और परागकण पैनल की सतह पर जम जाने से बिजली उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है. लेकिन सफाई के दौरान की गई कुछ आम गलतियां सोलर पैनल को नुकसान पहुंचा सकती हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. यदि खेती में सोलर पैनल के उपयोग व देख रेख का ध्यान रखा जाए तो इससे लागत में काफी कमी आ सकती है।
सोलर पैनल की सफाई में लापरवाही पड़ सकती है भारी
सोलर पैनल किसानों के लिए लंबे समय का निवेश होता है. अगर सफाई में थोड़ी भी लापरवाही की जाए तो पैनल की लाइफ और उसकी कार्यक्षमता दोनों प्रभावित होती हैं. सही तरीके से और सावधानी के साथ सफाई करने पर सोलर पैनल सालों तक बेहतर प्रदर्शन करते हैं और किसानों को मुफ्त बिजली का पूरा लाभ मिलता है.
खुरदरे ब्रश या झाड़ू का इस्तेमाल न करें
सोलर पैनल की ऊपरी सतह विशेष कोटिंग वाले कांच की होती है. कई किसान सफाई के लिए झाड़ू, सख्त ब्रश या बोरे के कपड़े का इस्तेमाल कर लेते हैं, जो सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. इससे पैनल पर खरोंच आ जाती है और उसकी बिजली उत्पादन क्षमता स्थायी रूप से घट सकती है. सफाई के लिए हमेशा मुलायम कपड़ा, स्पंज या माइक्रोफाइबर कपड़े का ही उपयोग करना चाहिए.
तेज केमिकल और डिटर्जेंट से करें परहेज
कुछ किसान पैनल को चमकाने के लिए डिटर्जेंट, फिनाइल, एसिड या अन्य केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह सोलर पैनल के लिए बेहद नुकसानदायक है. केमिकल्स पैनल की कोटिंग को खराब कर देते हैं, जिससे धूप सोखने की क्षमता कम हो जाती है. पैनल की सफाई के लिए साफ पानी या बहुत हल्के साबुन के घोल का ही प्रयोग करना सुरक्षित माना जाता है.
तेज धूप में सफाई करने से बचें
दोपहर के समय सोलर पैनल काफी गर्म हो जाते हैं. ऐसे में उन पर पानी डालने से थर्मल शॉक लग सकता है और कांच चटकने का खतरा रहता है. इसके अलावा गर्म पैनल पर पानी डालने से दाग भी पड़ सकते हैं. सफाई के लिए सुबह जल्दी या शाम का समय सबसे उपयुक्त और सुरक्षित माना जाता है.
सफाई से पहले बिजली सप्लाई बंद करना जरूरी
कई किसान सफाई के दौरान सोलर सिस्टम को बंद नहीं करते, जो खतरनाक साबित हो सकता है. गीले हाथों या पानी के संपर्क में बिजली चालू रहने से करंट लगने का जोखिम रहता है. इसलिए सफाई शुरू करने से पहले सोलर सिस्टम और इन्वर्टर को पूरी तरह स्विच ऑफ करना बेहद जरूरी है.
पैनल पर चढ़कर सफाई करना खतरनाक
खेतों में लगे सोलर पैनल अक्सर ऊंचे ढांचे पर फिट होते हैं. कुछ लोग पैनल पर चढ़कर ही सफाई करने लगते हैं, जिससे पैनल टूटने या ढांचे के कमजोर होने का खतरा रहता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा नीचे से, सुरक्षित तरीके से या सीढ़ी की मदद से सफाई की जाए.
हाई प्रेशर मोटर या पाइप का न करें इस्तेमाल
तेज प्रेशर से पानी मारने वाली मोटर या पाइप का उपयोग भी सोलर पैनल को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे पैनल की सीलिंग खराब हो सकती है और पानी अंदर घुसने का खतरा रहता है. बेहतर यही है कि हल्के प्रेशर से या बाल्टी और मग की मदद से पैनल को साफ किया जाए.
सही सफाई से बढ़ेगा उत्पादन और मुनाफा
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान सही समय पर और सही तरीके से सोलर पैनल की सफाई करते रहें, तो बिजली उत्पादन बना रहता है और पैनल की उम्र भी बढ़ती है. इससे किसानों को सिंचाई और खेती के अन्य कार्यों के लिए निर्बाध और सस्ती बिजली मिलती है और उनकी लागत में भी बड़ी बचत होती है.
ये भी पढ़ें: भारतीय कृषि में 2025 बना रिकॉर्ड उत्पादन का साल
