नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत खेती के प्रभावी मॉडल विकसित करने पर काम कर रही है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने बताया कि देश में भूमि का आकार लगातार छोटा होता जा रहा है, ऐसे में खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल और पशुपालन को एक साथ जोड़ने वाली प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
एकीकृत खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि मंत्री के अनुसार एकीकृत खेती का उद्देश्य अलग-अलग कृषि गतिविधियों को एक मंच पर लाना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इस मॉडल में फसल उत्पादन के साथ पशुपालन और अन्य कृषि कार्यों को जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं, खासकर छोटे किसानों के लिए यह अधिक उपयोगी साबित होगा।
तंबाकू के विकल्प के रूप में अन्य फसलों को बढ़ावा
सरकार तंबाकू की खेती करने वाले किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार उपयुक्त फसलों की पहचान की गई है। तंबाकू के स्थान पर गन्ना, मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, लोबिया, रागी, मूंगफली और सोयाबीन जैसी फसलों के विकल्प सुझाए गए हैं। इससे किसानों को अधिक सुरक्षित और लाभकारी खेती के अवसर मिलेंगे।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी लगातार जारी है। इस वर्ष गेहूं, धान, दलहन और तिलहन समेत कई फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है और बड़े स्तर पर उनकी खरीदी भी की जा रही है।
फसल बीमा योजना में सुधार
फसल बीमा योजना में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब यदि किसी एक किसान को भी नुकसान होता है, तो उसे मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय आपदाओं को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे किसानों को समय पर राहत मिल सके। सरकार ने यह भी तय किया है कि यदि बीमा कंपनियां मुआवजा देने में देरी करती हैं, तो किसानों को अतिरिक्त ब्याज दिया जाएगा। इससे किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
किसानों को मिला हजारों करोड़ का मुआवजा
सरकार के अनुसार पिछले तीन वर्षों में एक राज्य में फसल बीमा योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा कराए गए हैं। इसके अलावा शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसानों को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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