नई दिल्ली: भारत का सीफूड निर्यात तेजी से बढ़ते हुए 65 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मछली पालन के क्षेत्र में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है और भारतीय झींगा की मांग चीन, अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में लगातार बढ़ रही है। बीते 11 वर्षों में देश का मछली उत्पादन दोगुना हो गया है, जिससे इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013-14 में जहां मछली उत्पादन 95.79 लाख टन था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 195 लाख टन तक पहुंच गया है। यह करीब 100 लाख टन की वृद्धि को दर्शाता है। विभाग का अनुमान है कि वर्ष 2026-27 तक यह उत्पादन 220 लाख टन तक पहुंच सकता है।
निर्यात में भी तेज उछाल
सीफूड निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां निर्यात 30 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, वहीं अब यह बढ़कर 65 हजार करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में भारतीय सीफूड का निर्यात 129 देशों में किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और चीन प्रमुख खरीदार हैं।
सरकारी योजना से मिला बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि मछली पालन क्षेत्र में यह तेजी केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण आई है। इन योजनाओं के तहत मछुआरों को आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जैसे गहरे समुद्र में सुरक्षित मछली पकड़ने के लिए संचार प्रणाली और बेहतर तकनीक वाली नौकाएं। इसके साथ ही मछलियों को सुरक्षित तरीके से किनारे तक पहुंचाने की व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
सूखी मछली की मांग में वृद्धि
विदेशों में सूखी मछली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। हाल के वर्षों में सूखी मछली के निर्यात में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे कम लागत में मछली को सुरक्षित रखने और बेचने का नया विकल्प मिला है, जिससे मछुआरों की आय बढ़ने की संभावना है।
मत्स्य क्षेत्र में ढांचा मजबूत
देश में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया गया है। मछली पकड़ने के लिए बंदरगाहों और उतराई केंद्रों का निर्माण किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है। इसके साथ ही तालाबों और नदियों के माध्यम से होने वाले मछली उत्पादन में भी तेजी आई है। ऐसे में, मछली उत्पादन और सीफूड निर्यात में हो रही वृद्धि भारत को इस क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी बना रही है और आने वाले समय में किसानों व मछुआरों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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