जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत दस्तावेज सदन के पटल पर रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों से अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का तुलनात्मक ब्योरा प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार ने न केवल अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी है, बल्कि उसे गति और स्पष्ट दिशा भी प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार पांच वर्ष के भीतर किसान सम्मान निधि को दोगुना करेगी। उन्होंने बताया कि दो वर्षों के भीतर ही किसान सम्मान निधि को डेढ़ गुना किया जा चुका है।
खेजड़ी संरक्षण के लिए लाया जाएगा कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेजड़ी राजस्थान का कल्पवृक्ष है और प्रदेश की पहचान भी है। यह वृक्ष बढ़ते हुए रेगिस्तान को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ विरासत को संजोने के उद्देश्य से राज्य सरकार खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाएगी, ताकि प्रदेश में यह वृक्ष सुरक्षित रह सके। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया। केवल दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का है।
किसान सम्मान निधि में रिकॉर्ड सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में 10 हजार 508 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अलावा 48 हजार 325 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण दिए गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 73 लाख 49 हजार फसल बीमा पॉलिसी जारी की गई हैं और 6 हजार 415 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है।
2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 22 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने बिजली बिलों में 48 हजार 591 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है और 2 लाख से अधिक नए कृषि बिजली कनेक्शन जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि रबी 2025-26 के लिए मांग से अधिक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022 से 2024 तक के लंबित फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान कर किसानों को राहत दी गई है।
यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री ने बताया कि रामजल सेतु परियोजना के तहत नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध में जल संग्रहण शुरू हो चुका है। बंध बारैठा (भरतपुर) और ब्राह्मणी बैराज (चित्तौड़गढ़) के लिए 14 हजार 676 करोड़ रुपये के सहमति पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में अब तक 26 हजार करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। यमुना जल समझौते की डीपीआर तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। पाइपलाइन अलाइन्मेंट का सर्वे और फील्ड वैरिफिकेशन भी पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही गंगनहर प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 1 हजार 717 करोड़ रुपये और इंदिरा गांधी नहर विकास कार्यों के लिए 4 हजार 731 करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम शुरू किया गया है।
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